महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: महिला हेल्पलाइन 181 केंद्र और सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण

महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: महिला हेल्पलाइन 181 केंद्र और सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण
आबिद मोहम्मद/राजस्थान:-
जयपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्री महेंद्र सोनी ने प्रदेश में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जयपुर में स्थित महिला हेल्पलाइन 181 केंद्र, गांधीनगर महिला थाना में संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र, और सखी वन स्टॉप सेंटर (अपराजिता) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
महिला हेल्पलाइन 181 केंद्र का निरीक्षण

महेंद्र सोनी ने राज्य स्तरीय महिला हेल्पलाइन 181 के निरीक्षण के दौरान वहां कार्यरत महिला काउंसलर्स से विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने हेल्पलाइन के जरिए दी जा रही सलाह, सुझाव, मदद और मार्गदर्शन की प्रक्रिया का अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने रजिस्टर में दर्ज शिकायतों पर की गई कार्रवाई का फीडबैक लिया और सेवा की गुणवत्ता की सराहना की।
गांधीनगर महिला थाना में महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र का निरीक्षण
इसके बाद श्री सोनी ने गांधीनगर महिला थाना में संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन किया और यह जाना कि किस प्रकार से महिलाओं को सुरक्षा और सलाह उपलब्ध कराई जाती है। केंद्र की प्रभारी डॉ. रेणुका पामेचा और महिला काउंसलर श्रीमती नीता जैन ने सचिव से काउंसलर्स के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की मांग की, जिस पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सखी वन स्टॉप सेंटर (अपराजिता) का दौरा
शासन सचिव ने राजकीय जयपुरिया अस्पताल परिसर में स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर (अपराजिता) का भी निरीक्षण किया, जहां हिंसा से पीड़ित महिलाओं को तत्काल मदद दी जाती है। यहां पर श्री सोनी को बताया गया कि एक ही छत के नीचे उत्पीड़न की समस्याओं का भरोसेमंद समाधान किया जाता है। उन्होंने वहां के रजिस्टर का अवलोकन किया और सेवाओं से संतोष व्यक्त किया।
प्रशिक्षण के निर्देश
महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र की बेहतर सेवाओं के लिए सचिव ने वहां कार्यरत महिला काउंसलर्स को अधिक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सभी संस्थानों को पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करना चाहिए।
महत्वपूर्ण निष्कर्ष
शासन सचिव ने महिला सुरक्षा केंद्रों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके इस औचक निरीक्षण ने महिला सुरक्षा सेवाओं को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।



















