
विश्रामपुरी थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 के तहत 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया। आरोप है कि जमानत पर छूटने के बाद वह युवती को प्रताड़ित कर रहा था।
कोंडागांव जिले के केशकाल विधानसभा क्षेत्र में स्थित विश्रामपुरी थाना पुलिस ने एक युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले से एक अन्य मामले में आरोपी था और जमानत पर बाहर आने के बाद उसने युवती को कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान किया।

पुलिस के अनुसार, युवती ने 27 अक्टूबर 2026 को अपनी जान ले ली। परिजन की लिखित शिकायत पर 28 अक्टूबर को आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 में मामला दर्ज हुआ। आरोपी घटना के बाद से फरार था और 29 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए अदालत में पेश किया गया।
यह रिपोर्ट पुलिस की प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि अदालत में सुनवाई के दौरान ही होगी।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी त्रिलोचन मरकाम (24), निवासी ग्राम हात्मा (स्कूलपारा), पर आरोप है कि उसने करीब सात महीने पहले शादी का वादा कर युवती से कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसने शादी से इनकार कर दिया।
इसके बाद युवती की रिपोर्ट पर 12 सितंबर 2026 को विश्रामपुरी थाने में अपराध क्रमांक 71/2026 दर्ज हुआ। मामला बीएनएस की धारा 69 के तहत दर्ज किया गया था। यह धारा शादी का झूठा वादा कर या धोखे से यौन संबंध बनाने के मामलों से जुड़ी है।

पहले मामले में गिरफ्तारी और जमानत
जांच के दौरान पुलिस ने 13 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जेल वारंट जारी होने के बाद उसे जगदलपुर जेल भेजा गया। पुलिस का कहना है कि अदालत से जमानत मिलने के बाद आरोपी युवती को कथित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा।
दूसरा मामला कैसे दर्ज हुआ?
- 27 अक्टूबर: पुलिस के अनुसार, युवती की मृत्यु आत्महत्या से हुई।
- 28 अक्टूबर: परिजन ने थाने में लिखित आवेदन दिया।
- आवेदन और प्रारंभिक जांच के बाद: आरोपी पर बीएनएस की धारा 108 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) के तहत अपराध दर्ज हुआ।
लोकेशन के आधार पर घेराबंदी
मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था। पुलिस अधीक्षक कोंडागांव पंकज चंद्रा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा और अनुविभागीय पुलिस अधिकारी अरुण नेताम की निगरानी में टीम बनाई गई। टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी उप निरीक्षक विनोद नेताम ने किया।
टीम ने आरोपी की लोकेशन के आधार पर घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद 29 अक्टूबर को उसकी औपचारिक गिरफ्तारी हुई।
कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विनोद नेताम के साथ बांसकोट चौकी प्रभारी अमिताभ खाण्डेकर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सुनयना मिंज, जितेन्द्र एक्का, प्रधान आरक्षक देवार्चन सिदार, महिला प्रधान आरक्षक जयो चंद्रवंशी और आरक्षक जागेश मण्डावी, अजय मरकाम व जम्मू मरकाम शामिल रहे।
आगे क्या होगा?
आरोपी फिलहाल न्यायिक रिमांड पर है। पुलिस दोनों मामलों में आगे की विवेचना कर रही है। प्रताड़ना के आरोप, आरोपी और युवती के बीच संपर्क और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आरोप-पत्र अदालत में पेश किया जाएगा। दोष सिद्ध होने तक आरोपी को कानून की नजर में निर्दोष माना जाता है।
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