छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू: अनुपूरक बजट नहीं होगा पेश, विपक्ष करेगा तीखे सवाल

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू: अनुपूरक बजट नहीं होगा पेश, विपक्ष करेगा तीखे सवाल
14 जुलाई से 18 जुलाई तक चलेगा सत्र, पहली बार अनुपूरक बजट से परहेज
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू: अनुपूरक बजट नहीं होगा पेश, छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 2025 आज से रायपुर में शुरू हो गया है। यह सत्र 14 जुलाई से 18 जुलाई तक चलेगा और कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। इस बार राज्य सरकार प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश नहीं करेगी, जो कि छत्तीसगढ़ के संसदीय इतिहास में पहली बार होने जा रहा है।
आगामी सत्र से बदलेगा विधानसभा का ठिकाना
इस बार का मानसून सत्र वर्तमान विधानसभा भवन में अंतिम सत्र हो सकता है, क्योंकि नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन में शीतकालीन सत्र आयोजित करने की तैयारी है। यह बदलाव छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू: अनुपूरक बजट नहीं होगा पेश
अनुपूरक बजट क्यों नहीं?
सूत्रों के मुताबिक, इस वर्ष मुख्य बजट बनाते समय ही सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सालभर की आवश्यकताओं के अनुसार ही प्रस्ताव भेजें। इसके चलते:
मुख्य बजट में 12% की वृद्धि की गई
आकस्मिकता निधि ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹1000 करोड़ कर दी गई
इसी वित्तीय अनुशासन के तहत सरकार ने प्रथम अनुपूरक बजट पेश नहीं करने का निर्णय लिया है। विधानसभा सचिवालय को इस संबंध में सूचना भेज दी गई है।छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू: अनुपूरक बजट नहीं होगा पेश
सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव तय
सत्र से एक दिन पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठकें हुईं। इससे साफ है कि इस सत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच सवाल-जवाब की तल्खी देखने को मिलेगी।छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू: अनुपूरक बजट नहीं होगा पेश
ये मुद्दे छाए रहेंगे विपक्ष की रणनीति में:
खाद-बीज की किल्लत
रेत का अवैध खनन और परिवहन
जंगलों की अंधाधुंध कटाई
CGMSC में दवा खरीदी में भ्रष्टाचार
प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था
अवैध व नकली शराब की बिक्री
विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू: अनुपूरक बजट नहीं होगा पेश
छत्तीसगढ़ का यह मानसून सत्र न सिर्फ वित्तीय प्रबंधन की नई नीति का संकेत देता है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी यह सत्र बहस और तीखे आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बनने वाला है। देखना होगा कि सरकार कितनी मजबूती से विपक्ष के सवालों का जवाब देती है।



















