मरवाही में राजस्व विभाग का अजब कारनामा: तहसीलदार के आदेश बेअसर, पटवारी ने किसान को थमाया कॉलेज की जमीन का नोटिस

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा मामला मरवाही तहसील के ग्राम कुम्हारी का है, जहाँ एक पटवारी ने न केवल उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना की, बल्कि अपनी लापरवाही की हदें पार करते हुए किसान को उस जमीन का नोटिस थमा दिया, जहाँ वर्षों से एक कॉलेज संचालित हो रहा है।
क्या है पूरा जमीन विवाद?
मरवाही में राजस्व विभाग का अजब कारनामा:पूरा मामला ग्राम कुम्हारी के खसरा नंबर 211/3 और 211/4 से जुड़ा है। इस 25 डिसमिल जमीन पर इंद्रपाल तिवारी और गामा प्रसाद तिवारी का परिवार साल 1975 से काबिज है और यहाँ खेती कर रहा है। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि उनके नाम पर दर्ज है। हाल ही में जमीन पर बाहरी हस्तक्षेप की शिकायत के बाद, मरवाही तहसीलदार ने हल्का पटवारी तारकेश्वर ध्रुव को मौके पर जाकर सीमांकन (नाप-जोख) करने और पंचनामा बनाने का निर्देश दिया था।
बिना मौका मुआयना किए पेश कर दी रिपोर्ट
आरोप है कि पटवारी तारकेश्वर ध्रुव ने तहसीलदार के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। बिना मौके पर जाए और बिना किसी पंचनामे के, पटवारी ने 19 मार्च को अपनी एक तरफा रिपोर्ट विभाग को सौंप दी। जब पीड़ित किसान को इस फर्जीवाड़े का पता चला, तो उन्होंने तुरंत तहसीलदार के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराई और निष्पक्ष जांच की मांग की।
बड़ी लापरवाही: किसान की जमीन की जगह लिख दिया कॉलेज का खसरा
मरवाही में राजस्व विभाग का अजब कारनामा:किसान की आपत्ति के बाद तहसीलदार ने दोबारा संयुक्त जांच का आदेश दिया। लेकिन इस बार पटवारी ने जो किया, उसने सबको हैरान कर दिया। 28 मार्च को किसान को जारी किए गए नोटिस में ‘खसरा नंबर 210’ का उल्लेख कर दिया गया।
मरवाही में राजस्व विभाग का अजब कारनामा:हैरानी की बात यह है कि खसरा नंबर 210 पर मरवाही का प्रसिद्ध ‘भंवर सिंह कॉलेज’ बना हुआ है। किसान का इस जमीन से कोई लेना-देना नहीं है। पटवारी की इस गलती ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजस्व विभाग अब खेतों की जगह सरकारी भवनों और कॉलेजों की नाप-जोख करने की तैयारी में है?
सिस्टम की मनमानी से किसान बेहाल, कलेक्टर से कार्रवाई की मांग
राजस्व विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों की इस तरह की मनमानी ने आम नागरिकों और किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अपनी ही जमीन के हक के लिए किसानों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
मरवाही में राजस्व विभाग का अजब कारनामा:पटवारी की इस कार्यशैली से आक्रोशित ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने जिले की कलेक्टर से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि दोषी पटवारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न दोहराई जा सके।



















