पेंड्रा में अवैध कोयला तस्करी का भंडाफोड़: रातभर चली कार्रवाई में दो ट्रेलर जब्त, भारी जुर्माना

पेंड्रा में अवैध कोयला तस्करी का भंडाफोड़:छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में अवैध खनिज परिवहन और फर्जीवाड़े के खिलाफ खनिज विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग की टीम ने देर रात एक विशेष अभियान चलाकर कोयले की तस्करी में शामिल दो बड़े ट्रेलर वाहनों को पकड़ा है। इन वाहनों पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे कोयला परिवहन करने का आरोप है, जिसके बाद विभाग ने उन पर 3 लाख रुपये की पेनाल्टी ठोक दी है।
कोटमी अड़भार क्षेत्र में आधी रात को दबिश
खनिज विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कोटमी अड़भार इलाके के रास्ते अवैध रूप से कोयले की खेप निकाली जा रही है। विभागीय टीम ने तत्काल घेराबंदी की और दो संदिग्ध ट्रेलर (MP19ZF2103 और MP18ZF2118) को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच शुरू की।
दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा: कागजों पर रतनपुर, हकीकत में कुसमुंडा
जांच के दौरान विभाग को एक बड़ी धोखाधड़ी का पता चला। ट्रेलर चालकों द्वारा दिखाए गए ई-ट्रांजिट पास में कोयले का लोडिंग स्थल ‘माँ तारा ट्रेडर्स, रतनपुर (बिलासपुर)’ दर्ज था।
पेंड्रा में अवैध कोयला तस्करी का भंडाफोड़:हालांकि, जब अधिकारियों ने चालकों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने कबूल किया कि यह कोयला असल में कोरबा जिले के कुसमुंडा से लोड किया गया था। दस्तावेजों और जमीनी हकीकत में इस बड़े अंतर को देखते हुए विभाग ने इसे सीधे तौर पर कोयला चोरी और नियमों का उल्लंघन माना।
कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज और वाहनों की जब्ती
खनिज विभाग ने इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए ‘खान और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम 1957’ की धारा 21(1) एवं 21(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
-
पेनाल्टी: दोनों वाहनों पर कुल 3 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
-
वर्तमान स्थिति: जब्त किए गए दोनों ट्रेलरों को पुलिस लाइन अमरपुर में सुरक्षित खड़ा कराया गया है।
अवैध उत्खनन और परिवहन पर जीरो टॉलरेंस
सहायक जिला खनिज अधिकारी और उनकी टीम (जिसमें खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर व अन्य शामिल थे) ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनिजों के खेल को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पेंड्रा में अवैध कोयला तस्करी का भंडाफोड़:विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह अब तक कुल 11 वाहनों (हाइवा और ट्रैक्टर सहित) पर कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फर्जी दस्तावेज, ओवरलोडिंग और बिना अनुमति खनिज परिवहन करने वालों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में और भी तेज किया जाएगा।









