भिलाई निगम वार्ड आरक्षण 2026: दया सिंह समेत कई दिग्गजों की सीट पर लगा OBC का ठप्पा, महापौर पाल बचे

भिलाई नगर निगम के 70 वार्डों का आरक्षण पूरा, 23 वार्ड OBC को मिले। उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह समेत कई पार्षदों की सीटें बदलीं, महापौर नीरज पाल आरक्षण से बचे।
भिलाई में वार्ड आरक्षण से पलटी कई नेताओं की सियासी बाजी
दुर्ग जिले में नगरीय निकाय चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच भिलाई नगर पालिक निगम के वार्डों का आरक्षण पूरा हो गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह की मौजूदगी में सेक्टर-6 स्थित कला मंदिर में यह प्रक्रिया संपन्न कराई गई, जिसमें छत्तीसगढ़ नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण) नियम, 1994 के तहत पर्चियां निकाली गईं।

इस आरक्षण ने कई मौजूदा पार्षदों और चर्चित चेहरों का चुनावी गणित पूरी तरह बदल दिया है। निगम के उपनेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता दया सिंह का वार्ड अब OBC वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है, जिससे उन्हें अपने मौजूदा वार्ड से दोबारा चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिलेगा।
दिलचस्प बात यह रही कि जहां कई प्रभावशाली नेता आरक्षण की जद में आ गए, वहीं महापौर नीरज पाल और पार्षद एकांश बंछोर जैसे चर्चित नाम इस बार आरक्षण से बचने में कामयाब रहे।

भिलाई के 70 वार्डों का पूरा आरक्षण गणित
भिलाई नगर निगम में कुल 70 वार्ड हैं। कलेक्टर द्वारा जारी सूची के अनुसार आरक्षण का ब्योरा इस प्रकार है:
- अनुसूचित जनजाति (ST): 3 वार्ड (52, 62 और महिला वार्ड 61)
- अनुसूचित जाति (SC): 9 वार्ड, जिनमें एक महिला वार्ड (69) शामिल
- OBC सामान्य: 15 वार्ड (2, 3, 4, 10, 19, 21, 27, 39, 40, 42, 44, 46, 49, 56, 68)
- OBC महिला: 8 वार्ड (6, 7, 26, 37, 38, 45, 54, 66)
- सामान्य महिला: 11 वार्ड
- सामान्य (अनारक्षित): शेष वार्ड
कुल मिलाकर OBC वर्ग को 23 वार्ड मिले हैं, जो कुल 70 वार्डों का करीब एक-तिहाई हिस्सा है।

दया सिंह समेत किन नेताओं की सीट पर पड़ा असर
आरक्षण की सबसे बड़ी चर्चा उन नेताओं को लेकर है जिनके मौजूदा वार्ड अचानक आरक्षित वर्ग की सूची में आ गए:
- निगम के उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह का वार्ड अब OBC के लिए आरक्षित है
- पार्षद आदित्य सिंह और विनोद सिंह के वार्ड भी अब OBC श्रेणी में शामिल
- सभापति गिरधर बंटी का वार्ड सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ
- सेक्टर-6 के पार्षद साकेत चंद्राकर, हुडको के सीजू एंथोनी और सेक्टर-7 के लक्ष्मीपति राजू के वार्ड महिलाओं के हिस्से में गए
- जोन अध्यक्ष भूपेंद्र यादव का वार्ड अब सामान्य महिला के लिए आरक्षित
- पूर्व विधायक के पुत्र पार्षद संदीप निरंकारी का वार्ड अब SC वर्ग के लिए आरक्षित होने से वे अपने ही वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे
- पार्षद मन्नान गफ्फार खान का वार्ड महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ
- विधायक रिकेश सेन का वार्ड OBC महिला श्रेणी में शामिल हो गया
किसे मिली राहत?
हर कोई इस आरक्षण की चपेट में नहीं आया। रिपोर्टों के अनुसार महापौर नीरज पाल और पार्षद एकांश बंछोर जैसे चर्चित चेहरे अपने मौजूदा वार्ड से चुनाव लड़ने की स्थिति में बने हुए हैं, क्योंकि उनके वार्ड आरक्षण की जद में नहीं आए। गौरतलब है कि भिलाई निगम का महापौर पद इससे पहले ही अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित किया जा चुका था।
रिसाली और भिलाई-चरोदा में भी हुआ आरक्षण
केवल भिलाई ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य दो नगर निगमों में भी इसी दिन आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। रिसाली नगर निगम के 40 वार्डों की सूची भी जारी की गई, वहीं भिलाई-चरोदा निगम के वार्डों का आरक्षण भी साथ-साथ संपन्न हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक इस प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी भी जताई।
आगे क्या होगा?
आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों के सामने उम्मीदवार चयन की चुनौती है। जिन पार्षदों के वार्ड आरक्षित हो गए हैं, उन्हें या तो नए वार्ड की तलाश करनी होगी या फिर परिवार के किसी सदस्य को मैदान में उतारना होगा। जिन वार्डों में सामान्य सीट बरकरार है, वहां दावेदारों की संख्या बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में टिकट को लेकर दलों के भीतर मंथन तेज होने की उम्मीद है।









