
भिलाई स्टील प्लांट परिसर से करीब 100 किलो स्क्रैप कॉपर केबल चुराकर कार में ले जाने की कोशिश नाकाम, CISF जवानों ने पकड़ा, भिलाई भट्ठी पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) परिसर से कॉपर केबल चोरी की कोशिश को CISF जवानों ने समय रहते नाकाम कर दिया। मामले की जांच में जुटी भिलाई भट्ठी पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने प्लांट परिसर में घुसकर करीब 100 किलो स्क्रैप कॉपर केबल इकट्ठा किया और उसे कार में लोड कर बाहर निकालने की तैयारी की थी। इसी दौरान चौकस CISF टीम की नजर उन पर पड़ गई और उन्हें दबोच लिया गया।
कैसे हुआ खुलासा?
यह घटना 3 सितंबर की बताई जा रही है। प्लांट की सुरक्षा में तैनात CISF यूनिट ने भिलाई भट्ठी थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ लोग प्लांट परिसर के भीतर घुसकर स्क्रैप कॉपर केबल चुराने और उसे वाहन के जरिए बाहर ले जाने की फिराक में थे। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पूछताछ में खुली चोरी की परतें
हिरासत में लिए गए संदिग्धों से जब पुलिस ने पूछताछ की, तो चोरी की पूरी योजना सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पहले से यह प्लान बनाया था कि प्लांट से स्क्रैप कॉपर केबल निकालकर कार के जरिए बाहर पहुंचाई जाए।
आरोपियों ने प्लांट में दाखिल होने के बाद केबल को एक जगह इकट्ठा किया, फिर उसे गाड़ी में लादना शुरू किया। इसी बीच सतर्क CISF जवानों ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।

क्या-क्या हुआ बरामद?
आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का सामान बरामद किया है:
- करीब 100 किलो स्क्रैप कॉपर केबल, अनुमानित कीमत 50 हजार रुपए
- घटना में इस्तेमाल चार मोबाइल फोन, कीमत करीब 30 हजार रुपए
- कुल जब्ती करीब 80 हजार रुपए की
किन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार?
पुलिस ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, वे सभी दुर्ग जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए जा रहे हैं:
- हरीश बाग (24)
- दीपक ठाकुर (24)
- प्रेम बंजारे उर्फ गुड्डू (25)
- अंकुश ठाकुर उर्फ नौउवा (20)
- प्रीतम कुमार उर्फ पंचू (31)
सभी आरोपियों को 4 सितंबर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
आगे की जांच में क्या होगा?
पुलिस का कहना है कि इस चोरी में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस पूरी घटना की कड़ियां जोड़ने और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
BSP जैसे संवेदनशील और सुरक्षा की दृष्टि से अहम औद्योगिक परिसर में चोरी की इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं, हालांकि इस मामले में CISF की सतर्कता के चलते बड़ी चोरी टल गई।









