
दुर्ग के उतई थाना क्षेत्र में पुलिस ने यूट्यूब चैनल के जरिए सट्टा-मटका के अंकों की भविष्यवाणी फैलाने वाले युवक को पकड़ा। जांच में नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस।
सट्टे का प्रचार अब सोशल मीडिया के जरिए, यूट्यूब चैनल चलाने वाला युवक पकड़ाया
सट्टा-मटका का कारोबार अब पर्ची और फोन कॉल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया मंचों का सहारा लेकर भी इसे बढ़ावा दिया जा रहा है। दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे युवक को धर दबोचा है, जो यूट्यूब पर वीडियो बनाकर सट्टा-मटका के अंकों की भविष्यवाणी लोगों तक पहुंचा रहा था।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि डुमरडीह बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर उसे यूट्यूब पर अपलोड कर रहा है, जिनमें सट्टे के अंकों की जानकारी दी जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
तलाशी में युवक के पास से दो मोबाइल फोन और सट्टे से जुड़ी डिजिटल सामग्री बरामद हुई है। पुलिस अब मोबाइल डेटा के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

कैसे हुई गिरफ्तारी?
- 4 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि डुमरडीह बस स्टैंड स्थित अंजली ब्यूटी पार्लर के पास एक युवक मोबाइल से सट्टा-मटका के अंकों वाले वीडियो बना रहा है।
- सूचना मिलते ही उतई पुलिस की टीम तुरंत मौके पर रवाना हुई।
- मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर घेराबंदी कर युवक को पकड़ा गया।
- पूछताछ में उसकी पहचान डुमरडीह के बड़े पारा, जय स्तंभ चौक निवासी 29 वर्षीय रवि चेलक के रूप में हुई।
मोबाइल की जांच में सामने आया यूट्यूब चैनल
पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में आरोपी की तलाशी ली, जिसमें वीवो कंपनी के दो मोबाइल फोन बरामद हुए। मोबाइल की पड़ताल में “अंशु मटका” नाम से चलने वाला एक यूट्यूब चैनल सामने आया।
पुलिस के अनुसार, इसी चैनल के माध्यम से रवि चेलक अलग-अलग सट्टा-मटका अंकों की भविष्यवाणी वाले वीडियो अपलोड करता था। इनमें राजधानी नाइट, कल्याण जोड़ी जैसे सट्टे से जुड़े कोड-नामों के अंकों की जानकारी दी जा रही थी।

खास बात यह रही कि आरोपी खुद सट्टा लगवाने के लिए लोगों से सीधे संपर्क नहीं करता था। इसके बजाय वह वीडियो के माध्यम से एक साथ बड़ी संख्या में लोगों तक सट्टे के अंक पहुंचाने का काम कर रहा था। पुलिस ने मोबाइल में मिली सट्टे से जुड़ी सामग्री और अन्य डेटा जब्त कर लिया है।
अब आगे क्या होगा?
पुलिस जब्त किए गए दोनों मोबाइल फोन की गहराई से जांच कर रही है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि इन नंबरों से किन-किन लोगों का संपर्क था और सट्टे के इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। इसके साथ ही सट्टे के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि सट्टा-मटका जैसे अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। आरोपी रवि चेलक को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया के जरिए सट्टे का प्रचार क्यों बना चिंता का विषय?
यह मामला दिखाता है कि अवैध सट्टा कारोबार अब पारंपरिक तरीकों से हटकर डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहा है। यूट्यूब जैसे मंचों पर बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंच होने के कारण इस तरह के वीडियो जल्दी फैल जाते हैं, जिससे पुलिस के लिए निगरानी और कार्रवाई की चुनौती भी बढ़ जाती है।









