
Bilaspur Crime News: बिलासपुर में हाइवा पार्टनरशिप के नाम पर 17 लाख की बड़ी ठगी: पड़ोसी ने ही दिया धोखा, पुलिस ने जालसाज को दबोचा, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से धोखाधड़ी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति ने अपने ही पड़ोसी को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की चपत लगा दी। कोयला खदानों में गाड़ियां लगवाने का झांसा देकर आरोपी ने 17 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मुनाफे का लालच देकर बुना ठगी का जाल
Bilaspur Crime News:मामला बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र का है। मधुसूदन हाइट्स की निवासी वैशाली सिरामे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पड़ोस में रहने वाले सचिन कुमार मानिकपुरी ने उन्हें एक निवेश योजना का झांसा दिया। सचिन, जो कि कोरबा की कोल माइंस (Coal Mines) में कार्यरत था, ने वैशाली को बताया कि यदि वे पार्टनरशिप में एक ‘हाइवा’ (भारी वाहन) खरीदती हैं, तो उन्हें हर महीने मोटी कमाई होगी।
17 लाख रुपये लिए, पर नहीं खरीदी गाड़ी
Bilaspur Crime News:पड़ोसी पर भरोसा करते हुए पीड़िता ने व्यापार में हिस्सेदारी के लिए सचिन को 17 लाख रुपये सौंप दिए। आरोपी ने वादा किया था कि वह इस राशि से हाइवा खरीदेगा और उसे कोरबा की खदानों में काम पर लगाएगा। लेकिन समय बीतने के बाद भी न तो कोई गाड़ी खरीदी गई और न ही पीड़िता को कोई मुनाफा मिला। जब वैशाली ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगा।
फर्जी दस्तावेज दिखाकर किया गुमराह
Bilaspur Crime News:पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी सचिन ने पीड़िता को विश्वास दिलाने के लिए वाहन बिक्री के फर्जी दस्तावेज (Fake Documents) भी तैयार किए थे। उसने धोखाधड़ी की पूरी साजिश रची थी ताकि पीड़िता को शक न हो। जब पीड़िता को अहसास हुआ कि उसके साथ बड़ी ठगी हुई है, तब उसने पुलिस की शरण ली।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आरोपी सलाखों के पीछे
Bilaspur Crime News:एसएसपी रजनेश सिंह और सीएसपी गगन कुमार के दिशा-निर्देश पर तोरवा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीम गठित की। पुलिस ने घेराबंदी कर 28 वर्षीय आरोपी सचिन कुमार मानिकपुरी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने इस तरह की ठगी किसी और के साथ भी की है।
सावधान रहें: निवेश से पहले करें पूरी जांच
Bilaspur Crime News:इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि किसी भी तरह के निवेश या पार्टनरशिप से पहले दस्तावेजों की गहन जांच करना बेहद जरूरी है। लुभावने वादे और अधिक मुनाफे का लालच अक्सर ठगी का शिकार बना सकता है।



















