छात्रों से बदसलूकी करना DEO को पड़ा महंगा, बलौदाबाजार के जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय हटाए गए, संजय गुहे को मिली जिम्मेदारी

छात्रों से बदसलूकी करना DEO को पड़ा महंगा, बलौदाबाजार के जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय हटाए गए, संजय गुहे को मिली जिम्मेदारी
मुख्य बिंदु:
बलौदाबाजार के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) हिमांशु भारतीय पर गिरी गाज, पद से हटाए गए।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!स्कूल में शिक्षकों की मांग करने पहुंचे छात्रों से किया था दुर्व्यवहार।
DEO ने छात्रों से कहा था- “जो करना है कर लो, मांगें पूरी नहीं होंगी।”
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने लिया त्वरित एक्शन, संजय गुहे को सौंपा गया नया प्रभार।
बलौदाबाजार : छात्रों से बदसलूकी करना DEO को पड़ा महंगा, छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में अपने स्कूल के लिए शिक्षक मांगने आए छात्रों से दुर्व्यवहार करना एक वरिष्ठ अधिकारी को महंगा पड़ गया। शिकायतों और मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) हिमांशु भारतीय को उनके पद से हटा दिया गया है। शासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी जगह संजय गुहे को जिले का नया जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला बलौदाबाजार जिले के टूनद्रा नगर पंचायत स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला से जुड़ा है। यहां शिक्षकों की कमी से परेशान छात्र-छात्राएं अपनी मांग लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। ये छात्र अपने स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय से मिलने उनके कार्यालय गए थे।छात्रों से बदसलूकी करना DEO को पड़ा महंगा
DEO ने छात्रों से की थी बदसलूकी
छात्रों का आरोप है कि जब वे अपनी समस्या लेकर DEO हिमांशु भारतीय के पास पहुंचे, तो उन्होंने उनकी बात सुनने की बजाय उनसे अभद्रता की। छात्रों के अनुसार, DEO ने उन्हें धमकी भरे लहजे में कहा, “जो करना है कर लो, तुम्हारी मांगें पूरी नहीं होंगी।” इतना ही नहीं, उन्होंने छात्रों को डांटकर कार्यालय से बाहर जाने के लिए भी कह दिया। अधिकारी के इस रवैये से छात्र निराश और आहत हो गए।छात्रों से बदसलूकी करना DEO को पड़ा महंगा
शिकायत के बाद प्रशासन का त्वरित एक्शन
छात्रों से दुर्व्यवहार का यह मामला जैसे ही सामने आया, प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। मीडिया में खबरें आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ा, जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेने का फैसला किया। इसी के परिणामस्वरूप, हिमांशु भारतीय को जिला शिक्षा अधिकारी के पद से मुक्त कर दिया गया और उनकी जगह प्राचार्य संजय गुहे को जिले की शिक्षा व्यवस्था की कमान सौंपी गई है। यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं।छात्रों से बदसलूकी करना DEO को पड़ा महंगा



















