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प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में धड़ल्ले से बिक रही ‘नरभक्षी’ मांगूर, स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बन रही बड़ा खतरा

प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में धड़ल्ले से बिक रही ‘नरभक्षी’ मांगूर, स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बन रही बड़ा खतरा

प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में धड़ल्ले से बिक रही ‘नरभक्षी’ मांगूर, सरकारी प्रतिबंध के बावजूद, क्षेत्र के स्थानीय साप्ताहिक बाजारों में खतरनाक और प्रतिबंधित थाई मांगूर मछली की बिक्री खुलेआम जारी है। यह न केवल हमारे प्राकृतिक जलस्रोतों और स्थानीय जैव-विविधता के लिए एक गंभीर खतरा है, बल्कि इसका सेवन करने वालों के स्वास्थ्य पर भी जानलेवा असर पड़ सकता है। प्रशासन की सुस्ती के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।

क्यों है ‘जहरीली’ थाई मांगूर इतनी खतरनाक?

थाई मांगूर, जिसे विदेशी मांगूर भी कहा जाता है, एक मांसाहारी और आक्रामक प्रजाति है। सरकार ने इसके पालन और बिक्री पर प्रतिबंध इसलिए लगाया है, क्योंकि:

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  • पारिस्थितिक संतुलन बिगाड़ती है: यह मछली स्थानीय प्रजाति की मछलियों, मेंढकों और अन्य छोटे जलीय जीवों को खाकर खत्म कर देती है, जिससे तालाबों और नदियों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है।

  • स्वास्थ्य के लिए हानिकारक: यह मछली बेहद गंदे और प्रदूषित पानी में भी तेजी से बढ़ती है। यह सड़ा-गला मांस भी खाती है, जिसके कारण इसके शरीर में पारा, लेड और अन्य हानिकारक भारी धातुएं जमा हो जाती हैं। ऐसी मछली का सेवन करने से कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।

कोयलीबेड़ा के साप्ताहिक बाजार में खुलेआम बिक्री

चिंता की बात यह है कि कोयलीबेड़ा के साप्ताहिक बाजार में यह प्रतिबंधित मछली बड़ी मात्रा में बेची जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लालची विक्रेता चोरी-छिपे तालाबों में इसका पालन करते हैं और फिर इसे दूर-दराज के इलाकों से लाकर यहां बेचते हैं। कम लागत में तेजी से बढ़ने के कारण विक्रेताओं को इसमें अच्छा मुनाफा होता है, लेकिन वे लोगों की सेहत और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में धड़ल्ले से बिक रही ‘नरभक्षी’ मांगूर

प्रशासन की अनदेखी पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में मत्स्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे इन तस्करों के हौसले बुलंद हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेगी।प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में धड़ल्ले से बिक रही ‘नरभक्षी’ मांगूर

जागरूक नागरिकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

कोयलीबेड़ा के जागरूक नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि बाजारों में प्रतिबंधित मांगूर मछली की बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए और इसका अवैध रूप से पालन और बिक्री करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में धड़ल्ले से बिक रही ‘नरभक्षी’ मांगूर

Pooja Chandrakar

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