छत्तीसगढ़ में ईंधन और गैस की स्थिति सामान्य: CM साय ने जमाखोरों को दी कड़ी चेतावनी, अफवाहों से बचने की अपील

छत्तीसगढ़ में ईंधन और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर फैली भ्रांतियों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और जनता को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संकट का भ्रम फैलाकर कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ पुलिस सीधे कार्रवाई करे।
कोविड जैसी स्थिति नहीं, प्रशासन रहे मुस्तैद: मुख्यमंत्री
छत्तीसगढ़ में ईंधन और गैस की स्थिति सामान्य:हाल ही में आयोजित एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक तनाव के बावजूद छत्तीसगढ़ में स्थितियां ‘कोविड’ जैसी गंभीर नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिको को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने जनता से ‘पैनिक बुकिंग’ न करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
जमाखोरों पर बड़ी कार्रवाई: 97 FIR और हजारों सिलेंडर जब्त
राज्य सरकार ने अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार:
प्रदेशभर में अब तक 335 ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
जमाखोरी के संदेह में 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 97 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति इस स्थिति का फायदा उठाकर अवैध मुनाफाखोरी करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पेट्रोल-डीजल की बिक्री के लिए नई गाइडलाइंस
छत्तीसगढ़ में ईंधन और गैस की स्थिति सामान्य:ईंधन के दुरुपयोग और असुरक्षित भंडारण को रोकने के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
कंटेनर और बोतलों पर रोक: पेट्रोल और डीजल अब केवल वाहनों की टंकियों में ही भरा जाएगा। बोतलों या डिब्बों में ईंधन देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
विशेष छूट: केवल उन संस्थानों (जैसे मोबाइल टॉवर या अस्पताल) को छूट दी जाएगी, जहां जेनरेटर संचालन के लिए ईंधन अनिवार्य है।
हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम की स्थापना
आम जनता की सुविधा और शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए राज्य स्तर पर एक समर्पित कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है।
टोल-फ्री हेल्पलाइन: उपभोक्ता किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या आपूर्ति में बाधा की शिकायत 1800-233-3663 पर कर सकते हैं।
जिला स्तर पर निगरानी: सभी जिला कलेक्टरों को दैनिक स्टॉक की समीक्षा करने और अपने जिलों में स्थानीय कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
गैस कंपनियों ने दी सुचारू आपूर्ति की गारंटी
छत्तीसगढ़ में ईंधन और गैस की स्थिति सामान्य:बैठक में उपस्थित HPCL, BPCL और IOCL के अधिकारियों ने पुष्टि की कि प्रदेश में गैस की ऑनलाइन बुकिंग और डिलीवरी सामान्य है।
उज्ज्वला कनेक्शन: 45 दिनों की समयसीमा के भीतर आपूर्ति।
सामान्य कनेक्शन: 25 दिनों के भीतर गैस वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
सोशल मीडिया और अंतरराज्यीय सीमाओं पर पैनी नजर
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को सोशल मीडिया की निगरानी करने के कड़े निर्देश दिए हैं। भ्रामक खबरें फैलाकर शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर नकेल कसी जाएगी। इसके साथ ही, पड़ोसी राज्यों से लगे चेक पोस्टों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि ईंधन और खाद (उर्वरक) का अवैध परिवहन न हो सके।
छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के नागरिकों को निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। जनता को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।



















