राइस मिल में भीषण आग का तांडव, राख हुए धान के सैकड़ों बोरे; भारी नुकसान की आशंका

राइस मिल में भीषण आग का तांडव,छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहाँ के कुलगांव स्थित अजीबी एग्रो राइस मिल के गोदाम में मंगलवार को अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि मिल के भीतर रखा कीमती धान और हजारों बारदाने जलकर पूरी तरह खाक हो गए।
अचानक उठी लपटों ने मचाया हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिल परिसर से अचानक काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही आसमान में धुएं का गुबार साफ नजर आ रहा था। मिल के भीतर धान और सूती बारदानों की भारी मौजूदगी के कारण आग को फैलने के लिए पर्याप्त ईंधन मिल गया।
लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक
राइस मिल में भीषण आग का तांडव,इस हादसे में राइस मिल को भारी आर्थिक क्षति पहुँची है। प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक:
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सैकड़ों क्विंटल धान आग की भेंट चढ़ गया।
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हजारों की संख्या में नए और पुराने बारदाने जल गए।
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मिल के भीतर स्थित अन्य मशीनरी और सामान को भी नुकसान पहुँचा है।
मिल के संचालक मोहम्मद आवेश ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। उनके अनुसार, यह क्षति लाखों रुपये में हो सकती है।
दमकल विभाग और प्रशासन की कार्रवाई
राइस मिल में भीषण आग का तांडव,हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि, बारदाने के ढेरों में आग रुक-रुक कर सुलगती रही, जिसे बुझाने के लिए लगातार पानी की बौछारें की गईं।
“हमारी टीम ने तुरंत मौके पर पहुँचकर आग को फैलने से रोका। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नुकसान काफी अधिक हुआ है।” – स्थानीय प्रशासन अधिकारी
क्या रही आग लगने की वजह?
राइस मिल में भीषण आग का तांडव,फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन अधिकारी लापरवाही या किसी अन्य तकनीकी खराबी के पहलुओं पर भी गौर कर रहे हैं।
राइस मिल में भीषण आग का तांडव,इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है, जिसमें आग की भयावहता साफ देखी जा सकती है। स्थानीय प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों को भविष्य में फायर सेफ्टी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।









