रायपुर:
IAS अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा कथित तौर पर ब्राह्मण बेटियों के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस बयान को लेकर विप्र समाज में भारी रोष है। इसी क्रम में ‘विप्र वाहिनी संघ छत्तीसगढ़’ के एक प्रतिनिधि मंडल ने रायपुर स्थित पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर अधिकारी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
समाज को विभाजित करने का आरोप
विप्र समाज के प्रतिनिधियों ने IAS संतोष वर्मा के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ का कहना है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा दिया गया यह बयान न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह हिंदू समाज को आपस में बांटने वाला कृत्य है। विप्र वाहिनी संघ ने स्पष्ट किया कि समाज की बेटियों के सम्मान और गरिमा पर किसी भी तरह की आंच बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
SP ने दिया कार्रवाई का भरोसा
शिकायत दर्ज कराने पहुंचे प्रतिनिधि मंडल ने रायपुर SP से मुलाकात कर मामले की गंभीरता को साझा किया। विप्र वाहिनी संघ के अनुसार, रायपुर SP ने मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए आश्वस्त किया है कि इस प्रकरण में नियमानुसार FIR दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य के लिए कड़ा संदेश देने की मांग
विप्र समाज ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में जल्द से जल्द कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। संघ का तर्क है कि ऐसी कार्रवाई इसलिए भी जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या व्यक्ति किसी विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करने या उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रश्नचिह्न लगाने का दुस्साहस न करे।
प्रतिनिधि मंडल में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
SP कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में विप्र समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और मातृशक्ति शामिल थीं। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
पदाधिकारी: पंडित प्रमोद गौतम (प्रवक्ता, विप्र वाहिनी संघ छत्तीसगढ़), पंडित रमेश शुक्ला, पंडित नीलकंठ त्रिपाठी, पंडित रामजी आचार्य।
वरिष्ठ सदस्य: पंडित केसरी प्रसाद शुक्ला, पंडित विमलेंद्र तिवारी, महेश्वर प्रसाद शुक्ला, प्रेम नारायण शुक्ला, लव शुक्ला, संदीप पांडेय, आशीष तिवारी, हंसराज तिवारी और विनय दुबे।
महिला प्रतिनिधि: विश्वदीनी पांडेय (महिला प्रदेश अध्यक्ष), जानकी बिल्थरे, नंदिनी शुक्ला, निवेदिता मिश्रा और रोशनी मिश्रा।
इस दौरान विप्र वाहिनी संघ छत्तीसगढ़ के अन्य कई वरिष्ठ सदस्य भी वहां उपस्थित रहे और एक स्वर में न्याय की मांग की।









