“संसाधन नहीं तो ऑनलाइन काम नहीं”: छत्तीसगढ़ में 142 पटवारियों पर गिरी गाज

मुख्य बिंदु:
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जांजगीर-चांपा जिले में संसाधन और भत्ते की मांग को लेकर पटवारियों का ऑनलाइन काम से बहिष्कार।
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जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 142 पटवारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया।
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ऑनलाइन काम ठप होने से आम जनता परेशान, सरकारी सेवाएं प्रभावित।
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संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी।
जांजगीर-चांपा: “संसाधन नहीं तो ऑनलाइन काम नहीं”: छत्तीसगढ़ में 142 पटवारियों पर गिरी गाज, प्रशासन ने थमाया नोटिस, छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पटवारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। ऑनलाइन काम के लिए जरूरी संसाधन और भत्ते की मांग को लेकर पटवारी संघ द्वारा किए जा रहे बहिष्कार के पांचवें दिन, जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 142 पटवारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर दिया है। इस कार्रवाई से पटवारियों में भारी आक्रोश है।

क्यों नाराज हैं पटवारी? क्या हैं उनकी मांगें?
पटवारी संघ 16 अगस्त से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर रहा है। संघ का कहना है कि सरकार ने 2017 में ‘भुइयां’ और ‘भू-नक्शा’ जैसे सॉफ्टवेयर के माध्यम से जमीनी रिकॉर्ड को ऑनलाइन तो कर दिया, लेकिन इस काम को करने के लिए पटवारियों को जरूरी संसाधन (जैसे लैपटॉप, प्रिंटर, इंटरनेट कनेक्शन) उपलब्ध नहीं कराए।
संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया कि ऑनलाइन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संसाधन भत्ता देने की घोषणा भी की गई थी, जो आज तक उन्हें नहीं मिला है। बिना संसाधनों के वे ऑनलाइन काम कैसे करें? इसी के विरोध में उन्होंने ऑनलाइन काम का बहिष्कार करने का फैसला किया है।छत्तीसगढ़ में 142 पटवारियों पर गिरी गाज
प्रशासन का सख्त एक्शन, 142 को नोटिस
पटवारियों के इस कदम से सरकारी कामकाज और आम जनता से जुड़ी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।छत्तीसगढ़ में 142 पटवारियों पर गिरी गाज
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जांजगीर एसडीएम ने 40 पटवारियों को नोटिस दिया है।
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चांपा एसडीएम ने 32 पटवारियों को नोटिस दिया है।
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पामगढ़ एसडीएम ने 28 पटवारियों को नोटिस दिया है।
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अकलतरा एसडीएम ने 42 पटवारियों को नोटिस दिया है।
नोटिस में कहा गया है कि ऑनलाइन काम न करना “छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965” का उल्लंघन है। सभी 142 पटवारियों को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।छत्तीसगढ़ में 142 पटवारियों पर गिरी गाज
आम जनता परेशान, ठप पड़े हैं जरूरी काम
इस हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। ‘भुइयां’ पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली B-1 खसरा, नक्शा जैसी जरूरी सेवाएं बाधित हो गई हैं। लोगों को अपने जमीन संबंधी कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन काम नहीं हो पा रहा है। प्रशासन और पटवारियों के इस टकराव के बीच आम जनता पिस रही है।छत्तीसगढ़ में 142 पटवारियों पर गिरी गाज









