MLA vs SDM: “मेरी मर्जी!” एसडीएम के तेवर देख भड़कीं विधायक, कलेक्टर को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम

MLA vs SDM: छत्तीसगढ़ के राजपुर में विधायक और एसडीएम के बीच प्रोटोकॉल को लेकर हुआ भारी विवाद। विधायक ने दी 24 घंटे की चेतावनी। पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी।
MLA vs SDM: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर में उस वक्त सियासी पारा चढ़ गया जब एक भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान MLA-SDM Dispute की खबर सामने आई। प्रोटोकॉल और ‘अफसरशाही’ को लेकर सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा और एसडीएम देवेंद्र प्रधान के बीच तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि विधायक ने कलेक्टर को फोन कर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग कर डाली है।
100 मीटर की दूरी, फिर भी नदारद रहे अफसर
MLA vs SDM: यह पूरा मामला राजपुर स्थित शासकीय महाविद्यालय के एप्रोच रोड और नाली निर्माण के भूमिपूजन का है।
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Protocol Violation: विधायक उद्धेश्वरी पैकरा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुँची थीं।
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दूरी का सवाल: जिस जगह कार्यक्रम हो रहा था, वहां से एसडीएम और तहसील कार्यालय मात्र 100 मीटर की दूरी पर था।
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अनुपस्थिति: इसके बावजूद एसडीएम, तहसीलदार या राजस्व विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा।
MLA vs SDM: विधायक ने मंच से ही अपनी नाराजगी जाहिर की और आरोप लगाया कि इलाके में Bureaucracy (अफसरशाही) हावी हो रही है।
“मेरी मर्जी!” एसडीएम के इस बयान ने और बिगाड़ा मामला
MLA vs SDM: कार्यक्रम के बाद जब विधायक खुद तहसील कार्यालय पहुंचीं, तो वहां एसडीएम देवेंद्र प्रधान मौजूद थे। जब विधायक ने कार्यक्रम में न आने का कारण पूछा, तो बहस शुरू हो गई।
MLA vs SDM: High-Voltage Drama: विधायक का आरोप है कि एसडीएम ने उनसे कहा, “मैं आपके कार्यक्रम में आऊं या न आऊं, यह मेरी मर्जी है।” इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया और देखते ही देखते कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।
जनता में आक्रोश: ‘एसडीएम हटाओ, राजपुर बचाओ’
MLA vs SDM: विधायक और एसडीएम के बीच हुई इस नोक-झोंक के बाद बाहर मौजूद नागरिकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमांकन, निवास प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व कार्य लंबे समय से लंबित हैं, जिससे आम जनता परेशान है।
Quick Look: विवाद की मुख्य बातें (Key Highlights)
| विषय (Category) | विवरण (Details) |
| स्थान (Location) | राजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, छत्तीसगढ़ |
| मुख्य पक्ष (Parties) | सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा vs SDM देवेंद्र प्रधान |
| विवाद की वजह | भूमिपूजन कार्यक्रम में अधिकारियों की अनुपस्थिति और प्रोटोकॉल |
| विधायक का अल्टीमेटम | 24 घंटे के भीतर एसडीएम का ट्रांसफर |
| चेतावनी (Warning) | कार्रवाई न होने पर उग्र जन-आंदोलन और चक्काजाम |
कलेक्टर को फोन: “इन्हें हटाइए, वरना होगा आंदोलन”
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MLA vs SDM: विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने मौके से ही कलेक्टर बलरामपुर को फोन लगाया और पूरी स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर एसडीएम का स्थानांतरण (Transfer) नहीं किया जाता, तो वे कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगी।
MLA vs SDM: इस दौरान जनपद अध्यक्ष विनय भगत, नगर पंचायत अध्यक्ष धरम सिंह और भाजपा के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अब सबकी नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
छत्तीसगढ़ में बढ़ती इस ‘अफसरशाही बनाम जनप्रतिनिधि’ की जंग पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं!
बेशक, यह एक काफी तनावपूर्ण स्थिति है जहाँ प्रोटोकॉल और जन-जवाबदेही आपस में टकरा रहे हैं। क्या आपको लगता है कि इस तरह के विवादों का हल प्रशासनिक बातचीत से निकल सकता है या फिर राजनीतिक दबाव ही एकमात्र रास्ता है?









