नवापारा राजिम के छांटा गांव में विश्वकर्मा जयंती पर बजाज बोले- हुनर और तकनीक से बदलेगी युवाओं की तकदीर

नवापारा राजिम के ग्राम छांटा में विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई। भाजपा नेता अशोक बजाज ने युवाओं को कौशल विकास और तकनीकी दक्षता अपनाने की सलाह दी।
छत्तीसगढ़ के नवापारा-राजिम क्षेत्र के ग्राम छांटा में भगवान विश्वकर्मा जयंती परंपरागत उत्साह के साथ मनाई गई। नवयुवक विश्वकर्मा पूजा समिति की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में गांव के लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज ने युवाओं को संबोधित करते हुए श्रम, हुनर और तकनीकी दक्षता को आगे बढ़ने का सबसे बड़ा जरिया बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत रायपुर की सभापति चंद्रकला ध्रुव ने की।
भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साथ हुई शुरुआत
ग्राम छांटा में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा। नवयुवक विश्वकर्मा पूजा समिति के सदस्यों ने मिलकर पूजा स्थल को सजाया और विधिवत तरीके से भगवान विश्वकर्मा की आराधना की। ग्रामीणों की मान्यता है कि विश्वकर्मा जयंती के दिन औजारों, मशीनों और तकनीकी उपकरणों की पूजा करने से कार्यक्षेत्र में तरक्की और समृद्धि आती है।

अशोक बजाज बोले- तकनीक और नवाचार हैं प्रगति की कुंजी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अशोक बजाज ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का महान शिल्पकार और वास्तुकला-तकनीकी ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जी का जीवन इस बात का संदेश देता है कि श्रम, कला, तकनीक और नवाचार ही मानव सभ्यता को आगे ले जाने वाले मूल तत्व हैं।
क्या कहा मुख्य अतिथि ने:

- श्रम और हुनर को जीवन की प्रगति का आधार बताया
- तकनीकी दक्षता को समय की मांग बताया
- नवाचार को युवाओं के लिए अवसर का जरिया बताया
युवाओं को डिग्री से आगे बढ़कर हुनर पर ध्यान देने की सलाह
बजाज ने अपने भाषण में केंद्र सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप, डिजिटल क्षेत्र और विनिर्माण उद्योग में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में युवाओं को सिर्फ पारंपरिक डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि व्यावहारिक हुनर, तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच को भी विकसित करना चाहिए।
किस पर पड़ेगा असर?
उनके इस संदेश का सीधा संबंध ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के उन युवाओं से है, जो रोजगार के परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर कौशल आधारित क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं। कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और नवाचार आधारित उद्यमिता को गति मिल सकती है।
कार्यक्रम में शामिल रहे गांव और पंचायत के प्रतिनिधि
समारोह की अध्यक्षता जिला पंचायत रायपुर की सभापति चंद्रकला ध्रुव ने की। इस मौके पर क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:
- मेहत्तरू लाल साहू, परदेसी राम साहू, दयालु गाड़ा
- नवल किशोर साहू, हितेश मंडई, गोपाल राम साहू
- गुलाब राम साहू, दशरथ साहू, अशोक साहू
- मायाराम साहू, धीरज साहू, खोरबहरा राम साहू
- किशन साहू, अयाज रजा, डीहूराम साहू
- शंकर लाल साहू, टिकेश्वर वर्मा, दीपक साहू
- डोमेन साहू, एकलव्य साहू, पीतांबर साहू
इसके अलावा महिला कमांडो दल और बड़ी संख्या में गांव के लोग इस आयोजन का हिस्सा बने।
रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां
पूजा-अर्चना और अतिथियों के संबोधन के बाद देर शाम गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया। देर रात तक चले इस आयोजन ने पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना दिया।
आगे क्या?
इस तरह के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक आस्था के साथ-साथ कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनते जा रहे हैं। स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों की ओर से युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किए जाने से आने वाले समय में ग्रामीण युवाओं के रोजगार के विकल्पों में विस्तार होने की उम्मीद जताई जा रही है।









