सुशासन परिसर और पंचायत कैफे का काम समय पर पूरा करने के निर्देश, CEO ने मांगी फील्ड रिपोर्ट

सुकमा जिला पंचायत CEO मुकुंद ठाकुर ने सुशासन परिसर और पंचायत कैफे के निर्माण की समीक्षा की। अधिकारियों को मौके पर जाकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
सुकमा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) मुकुंद ठाकुर ने ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुशासन परिसर और पंचायत कैफे का निर्माण तय समय-सीमा में, गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

CEO ने अधिकारियों को सिर्फ दफ्तर में बैठकर समीक्षा करने के बजाय निर्माण स्थलों पर जाकर वास्तविक स्थिति देखने को कहा है। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सुशासन परिसर और पंचायत कैफे पर खास फोकस
जिले की ग्राम पंचायतों को ज्यादा सुविधायुक्त और सक्षम बनाने के उद्देश्य से सुशासन परिसर और पंचायत कैफे का निर्माण कराया जा रहा है। समीक्षा के दौरान CEO ने इन कामों की प्रगति की जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए।
अधिकारियों को क्या निर्देश मिले?
बैठक में CEO के प्रमुख निर्देश इस प्रकार रहे:

- निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं
- अधिकारी निर्माण स्थलों पर जाकर खुद स्थिति का जायजा लें
- काम में कोई बाधा या समस्या आए तो उसका तत्काल समाधान हो
- गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीकी मानकों में ढिलाई न हो
- लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए
पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों में तालमेल पर जोर
CEO ने पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपील की। उनका कहना था कि शासन की योजनाओं का मकसद तभी पूरा होगा, जब सभी जिम्मेदारी के साथ उन्हें जमीन पर उतारेंगे।
सिर्फ निर्माण नहीं, नतीजों पर भी नजर
प्रशासन का फोकस केवल इमारतें खड़ी करने तक सीमित नहीं है। कोशिश यह भी है कि इनसे ग्रामीणों को वास्तविक सुविधाएं और लाभ मिलें। सुशासन परिसर और पंचायत कैफे जैसी पहल से ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होने और स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई गई है।
ग्रामीणों पर क्या असर पड़ेगा?
प्रशासन के मुताबिक लक्ष्य यह है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। निर्माण समय पर और मानकों के अनुरूप पूरा होने की स्थिति में ग्राम पंचायत स्तर पर सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल निर्माण की मौजूदा प्रगति, लागत या पूरा होने की तारीख की जानकारी उपलब्ध नहीं है।









