मरवाही में 7 साल से जमे बीईओ दिलीप पटेल पर गंभीर आरोप: भ्रष्टाचार और दबदबे की कहानी!

मरवाही में 7 साल से जमे बीईओ दिलीप पटेल पर गंभीर आरोप: भ्रष्टाचार और दबदबे की कहानी!
मुख्य बातें संक्षेप में:–
✅ दिलीप पटेल 7 साल से मरवाही में बीईओ के पद पर बने हुए
✅ भ्रष्टाचार और अनियमितता के गंभीर आरोप
✅ कई बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नदारद
✅ जनता की सीधी मांग – निष्पक्ष जांच और निष्कासन
मरवाही में शिक्षा विभाग का विवादित चेहरा बन चुके दिलीप पटेल एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
लगातार 7 साल से मरवाही में बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) के पद पर जमे पटेल पर भ्रष्टाचार, वसूली और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लग चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।मरवाही में 7 साल से जमे बीईओ दिलीप पटेल पर गंभीर आरोप
? क्यों नहीं हटाए जा रहे दिलीप पटेल?
सूत्रों के मुताबिक, दिलीप पटेल ने पहले एबीओ (सहायक खंड शिक्षा अधिकारी) रहते हुए भी मरवाही में लंबा समय बिताया। इसके बाद सिफारिश और अंदरूनी जुड़ाव के जरिए उन्होंने बीईओ का पद हासिल किया और दोबारा मरवाही में ही पदस्थ हो गए।मरवाही में 7 साल से जमे बीईओ दिलीप पटेल पर गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों और शिक्षकों का आरोप है कि—
▪️ स्कूली संसाधनों की खरीदी में घोटाले
▪️ शिक्षकों के ट्रांसफर में रिश्वतखोरी
▪️ पद का दुरुपयोग कर मनमानी कार्यप्रणाली
⚠️ शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?
दर्जनों शिकायतें लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन जवाबदेही तय नहीं हो पा रही है।
अब सवाल उठ रहा है कि—
? क्या दिलीप पटेल को कोई राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?
? क्या शिक्षा विभाग में आंतरिक मिलीभगत के कारण जांचें ठंडे बस्ते में जा रही हैं?
? जनता की मांग: निष्पक्ष जांच और कार्रवाई
मरवाही के शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने इस मामले की सीबीआई या EOW (इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग) से जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक ऐसे अफसरों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, शिक्षा व्यवस्था पर से लोगों का विश्वास उठता रहेगा।मरवाही में 7 साल से जमे बीईओ दिलीप पटेल पर गंभीर आरोप



















