आवारा कुत्तों पर ‘सुप्रीम’ बवाल: सड़कों से हटाकर शेल्टर भेजो, जानें दुनिया के देश कैसे निपट रहे हैं इस समस्या से?

नई दिल्ली: आवारा कुत्तों पर ‘सुप्रीम’ बवाल: सड़कों से हटाकर शेल्टर भेजो, जानें दुनिया के देश कैसे निपट रहे हैं इस समस्या से?, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक आदेश दिया है, जिसके बाद से ही पशु प्रेमियों, आम लोगों और राजनीतिक दलों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। कोर्ट ने आठ सप्ताह के भीतर सभी आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर डॉग शेल्टर होम में रखने का निर्देश दिया है। इस फैसले पर जहां एक पक्ष खुशी जता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे बेजुबानों पर अत्याचार बता रहा है।
फैसले पर सियासत: कोई समर्थन में, कोई विरोध में
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने अब सियासी रंग भी ले लिया है।आवारा कुत्तों पर ‘सुप्रीम’ बवाल: सड़कों से हटाकर शेल्टर भेजो
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा है कि सरकार आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए एक नई और प्रभावी पॉलिसी लेकर आएगी।
वहीं, कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने इसे दशकों पुरानी मानव और विज्ञान आधारित नीति से पीछे हटने जैसा कदम बताया और कहा कि ये बेजुबान कोई समस्या नहीं हैं, जिन्हें मिटा दिया जाए।
भारत में क्या है मौजूदा कानून?
इस बहस के केंद्र में केंद्र सरकार द्वारा लागू पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियम, 2023 है। इन नियमों के तहत, आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें उसी इलाके में वापस छोड़ने का प्रावधान है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश इस मौजूदा नियम से बिल्कुल अलग है, यही वजह है कि इस पर विवाद हो रहा है।आवारा कुत्तों पर ‘सुप्रीम’ बवाल: सड़कों से हटाकर शेल्टर भेजो
उत्तर प्रदेश: यहां सार्वजनिक स्थान पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर कार्रवाई का नियम है।
मुंबई: यहां कुत्तों को खाना खिलाना कानूनी है, लेकिन केवल चुनिंदा और निर्धारित जगहों पर ही।
गोवा: इसे देश का पहला ‘रेबीज-कंट्रोल्ड’ राज्य माना जाता है, जहां 2017 के बाद से रेबीज के मामले लगभग न के बराबर हैं।
दुनिया के देश कैसे कर रहे हैं इस समस्या का समाधान?
यह समस्या सिर्फ भारत की नहीं है। आइए जानते हैं कि दुनिया के कुछ प्रमुख देश इससे कैसे निपट रहे हैं:
अमेरिका: यहां आवारा कुत्तों को कानूनी सुरक्षा प्राप्त है। न्यूयॉर्क जैसे शहरों में एनजीओ उन्हें पकड़कर शेल्टर होम ले जाते हैं और उनके लिए नए मालिक की तलाश करते हैं। उन्हें वापस सड़क पर नहीं छोड़ा जाता।
ब्रिटेन: यहां स्थानीय प्रशासन आवारा कुत्तों की देखभाल करता है, लेकिन अगर उनका कोई मालिक नहीं मिलता है तो उन्हें कानूनी रूप से मारने (Euthanize) का भी अधिकार है।
सिंगापुर: यहां आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी, टीकाकरण और माइक्रोचिपिंग की जाती है, ताकि उनकी निगरानी की जा सके।
जापान: यहां एक संतुलित नियम है। कुत्तों को शेल्टर होम में रखा जाता है और उनके लिए नया घर ढूंढा जाता है। लेकिन, अगर कोई कुत्ता खतरनाक है या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, तो उसे जान से मारने का भी कानूनी अधिकार है।
तुर्की: यहां भी आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर डॉग शेल्टर होम में रखने का नियम है।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद दिल्ली और केंद्र सरकार क्या कदम उठाती हैं और क्या कोई नई राष्ट्रीय नीति सामने आती है।आवारा कुत्तों पर ‘सुप्रीम’ बवाल: सड़कों से हटाकर शेल्टर भेजो



















