छत्तीसगढ़ में ठंड की दस्तक के साथ बढ़ा निमोनिया का खतरा: धमतरी में तीन महीने में 32 बच्चे हुए पीड़ित
जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या, विशेषज्ञों ने शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की

धमतरी। प्रदेश में ठंड की शुरुआत के साथ ही बच्चों में निमोनिया और वायरल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। सितंबर से नवंबर तक धमतरी जिला अस्पताल में निमोनिया से पीड़ित 32 बच्चों को भर्ती किया गया है। सभी बच्चों का समय पर उपचार होने से वे पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। वहीं शून्य से 3 वर्ष तक के बच्चों को अस्पताल में विशेष अवलोकन में रखकर इलाज किया जा रहा है।
सर्द मौसम में तेजी से बढ़ रहा संक्रमण
बच्चों की सेहत पर सर्दी का मौसम भारी पड़ रहा है।
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वायरल फीवर
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सर्दी-खांसी
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बुखार
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एनीमिया
इन समस्याओं से जूझते बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में हर महीने लगभग 210 से अधिक बच्चे विभिन्न बीमारियों से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों की टीम उन्हें विशेष निगरानी में इलाज उपलब्ध करा रही है।धमतरी में तीन महीने में 32 बच्चे हुए पीड़ित
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश देवांगन और डॉ. रविकिरण शिंदे के अनुसार छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिस कारण ठंड के मौसम में उनकी सेहत आसानी से बिगड़ जाती है।धमतरी में तीन महीने में 32 बच्चे हुए पीड़ित
निमोनिया और ब्रोंकाइटिस में बढ़ी सावधानी की जरूरत
डॉ. अखिलेश देवांगन ने बताया कि ब्रोंकाइटिस निमोनिया में फेफड़ों में कफ जमने लगता है, जिससे बच्चों को सांस लेने में कठिनाई होती है।धमतरी में तीन महीने में 32 बच्चे हुए पीड़ित
समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है।धमतरी में तीन महीने में 32 बच्चे हुए पीड़ित
विशेषज्ञों ने शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों में सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से तुरंत परामर्श लेने की सलाह दी है।धमतरी में तीन महीने में 32 बच्चे हुए पीड़ित
अस्पताल में बढ़ी भर्ती, लेकिन उपचार से मिल रही राहत
वर्तमान में अस्पताल में वायरल फीवर और एनीमिया से सबसे अधिक बच्चे भर्ती हैं।
विशेष निगरानी और दवाइयों से ये बच्चे धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि ठंड में बच्चों की सेहत पर खास ध्यान दें और लक्षण दिखते ही इलाज करवाएं।धमतरी में तीन महीने में 32 बच्चे हुए पीड़ित
बच्चों की सुरक्षा के लिए डॉक्टरों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
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बच्चों को घर से बाहर या घर पर रहते हुए गर्म कपड़े पहनाकर रखें।
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पीने के लिए केवल गुनगुना पानी दें।
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बच्चों को गुनगुने पानी से ही स्नान कराएं।
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वायरल फीवर या निमोनिया के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से जांच करवाएं।
ठंड के बढ़ते असर और बदलते मौसम से छोटे बच्चे तेजी से बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में सतर्कता और समय पर उपचार ही उन्हें सुरक्षित रखने का सबसे बेहतर तरीका है।धमतरी में तीन महीने में 32 बच्चे हुए पीड़ित









