छत्तीसगढ़: फाइनेंस कंपनी की प्रताड़ना से परेशान युवक ने की खुदकुशी, ट्रैक्टर की किश्त चुकाने का था भारी दबाव

छत्तीसगढ़: फाइनेंस कंपनी की प्रताड़ना से परेशान युवक ने की खुदकुशी, ट्रैक्टर की किश्त चुकाने का था भारी दबाव, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ कर्ज और फाइनेंस कंपनी के कथित दबाव के चलते एक 29 वर्षीय युवक ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। धनगांव निवासी युवक ने कीटनाशक का सेवन कर लिया था, जिसके बाद इलाज के दौरान अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
80 हजार रुपये की किश्त बनी जान की दुश्मन
फाइनेंस कंपनी की प्रताड़ना से परेशान युवक ने की खुदकुशी,मिली जानकारी के अनुसार, मृतक तन्मय सना (पिता मंगल सना) ने करीब दो साल पहले अपने पिता के नाम पर एक ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था। ट्रैक्टर की पहली किश्त के रूप में 1.50 लाख रुपये जमा किए जा चुके थे। बताया जा रहा है कि दूसरी किश्त के तौर पर 80 हजार रुपये बकाया थे। 6 जनवरी को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी का फोन आया, जिसके बाद तन्मय मानसिक तनाव में आ गया।
पिता के नाम पर था ट्रैक्टर, बेटा संभाल रहा था जिम्मेदारी
फाइनेंस कंपनी की प्रताड़ना से परेशान युवक ने की खुदकुशी,तन्मय के पिता ने पुलिस को बताया कि ट्रैक्टर उनके नाम पर था, लेकिन उसका पूरा कामकाज और संचालन तन्मय ही देख रहा था। 6 जनवरी की शाम जब किश्त जमा करने के लिए कंपनी का फोन आया, तो पिता ने बेटे से इस बारे में बात की और किश्त पटाने को कहा। इसके बाद तन्मय ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से फोन पर चर्चा की और कुछ ही देर बाद आत्मघाती कदम उठा लिया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
फाइनेंस कंपनी की प्रताड़ना से परेशान युवक ने की खुदकुशी,कीटनाशक सेवन के तुरंत बाद परिजनों ने तन्मय को बलरामपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसी रात उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां दो दिनों तक चले इलाज के बाद गुरुवार सुबह 11 बजे तन्मय ने अंतिम सांस ली।
पुलिस जांच में जुटी: फाइनेंस कंपनी के व्यवहार पर सवाल
फाइनेंस कंपनी की प्रताड़ना से परेशान युवक ने की खुदकुशी,इस दुखद घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। परिजनों के बयानों के आधार पर यह जांच की जा रही है कि क्या फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी द्वारा युवक पर अत्यधिक मानसिक दबाव बनाया गया था या उसे डराया-धमकाया गया था।



















