प्रधानमंत्री नल-जल योजना में गबन: ठेकेदारों और इंजीनियरों की मिलीभगत से ग्रामवासियों को हो रही परेशानियाँ

पेंड्रा मरवाही – ग्राम कुम्हारी (पंडरी पानी) में खुले गड्ढे बने मुसीबत का कारण
जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही के नगर पंचायत मरवाही के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुम्हारी (पंडरी पानी) में प्रधानमंत्री नल-जल योजना के तहत ठेकेदार द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिए गड्ढा तो खोदा गया, लेकिन उसे मिट्टी से ढकने की कोई कोशिश नहीं की गई। इस लापरवाही के चलते ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर रात में आने-जाने के दौरान। खुले गड्ढों के कारण बेजुबान जानवरों के गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। प्रधानमंत्री नल-जल योजना में गबन: ठेकेदारों और इंजीनियरों की मिलीभगत से ग्रामवासियों को हो रही परेशानियाँ
ठेकेदार ने जिम्मेदारी से कन्नी काटी
जब इस मुद्दे पर ठेकेदार सागर सोनी से बातचीत की गई, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को निभाने के बजाय मुंशी से बात करने की सलाह दे दी। यह साफ हो गया कि ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे थे। प्रधानमंत्री नल-जल योजना में गबन: ठेकेदारों और इंजीनियरों की मिलीभगत से ग्रामवासियों को हो रही परेशानियाँ
मुंशी की स्वीकारोक्ति: “सबको हिस्सा मिल चुका है”
हमने ठेकेदार के मुंशी से जब इस गड्ढे को समतल न करने का कारण पूछा, तो उन्होंने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि सबको उनका हिस्सा मिल चुका है। उन्होंने बताया कि 90% भुगतान कार्य की अवधि के दौरान ही हो जाता है, जबकि बचा हुआ 10% भी बाद में आसानी से मिल जाता है। इस बयान से यह भी खुलासा हुआ कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं को सिर्फ कागजों में पूरा दिखा दिया जाता है। प्रधानमंत्री नल-जल योजना में गबन: ठेकेदारों और इंजीनियरों की मिलीभगत से ग्रामवासियों को हो रही परेशानियाँ
ग्रामवासियों की समस्या पर प्रशासन की नजरअंदाजी
मुंशी द्वारा साझा की गई जानकारी से साफ जाहिर होता है कि ठेकेदार और इंजीनियर कैसे उच्च अधिकारियों के साथ मिलकर ऐसे कार्यों को कागजों में ही पूरा कर देते हैं। परिणामस्वरूप, ग्रामवासियों को कई बार इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनकी समस्याओं की कोई सुध नहीं ली जाती। प्रधानमंत्री नल-जल योजना में गबन: ठेकेदारों और इंजीनियरों की मिलीभगत से ग्रामवासियों को हो रही परेशानियाँ
जिम्मेदारी की कमी और भ्रष्टाचार का नतीजा
इस प्रकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा यह होता है कि सरकारी योजनाएँ केवल कागजों में सफल होती हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग होती है। ठेकेदार और इंजीनियरों की मिलीभगत से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ सही से नहीं पहुँच पाता, और यह स्थिति लगभग हर गांव में देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री नल-जल योजना में गबन: ठेकेदारों और इंजीनियरों की मिलीभगत से ग्रामवासियों को हो रही परेशानियाँ



















