गर्मियों की छुट्टियों में रेलवे टिकट काउंटर क्यों हो रहे कम? रायपुर स्टेशन पर यात्रियों की लंबी कतारें!

? गर्मियों की छुट्टियों में रेलवे टिकट काउंटर क्यों हो रहे कम? रायपुर स्टेशन पर यात्रियों की लंबी कतारें!
☀️ छुट्टियों का मौसम शुरू, ट्रेन यात्रियों की बढ़ी भीड़
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं और स्कूल-कॉलेजों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो गई हैं। ऐसे में पर्यटन, शादी-ब्याह और घूमने के लिए लोगों की रेल यात्रा में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। गर्मियों की छुट्टियों में रेलवे टिकट काउंटर क्यों हो रहे कम
लेकिन इस दौरान रेलवे टिकट काउंटरों की संख्या कम होने से यात्रियों को लंबी लाइनों और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
? रायपुर स्टेशन पर सिर्फ एक नकद टिकट काउंटर चालू!
राजधानी रायपुर के मुख्य रेलवे स्टेशन पर स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां केवल एक टिकट काउंटर पर नकद टिकट जारी किए जा रहे हैं।
हालांकि दूसरा काउंटर भी खुला है, लेकिन वहां केवल डिजिटल लेन-देन के ज़रिए टिकट मिलती है।
? बड़ी संख्या में नकद लेन-देन करने वाले यात्रियों को एक ही काउंटर पर घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।
? कई टिकट काउंटर बंद, निजीकरण की आशंका!

रेलवे के सूत्रों का कहना है कि टिकट काउंटरों को जानबूझकर बंद किया जा रहा है, और इसके पीछे निजीकरण की तैयारी हो सकती है।
रेलवे को रायपुर और पावर हाउस जैसे स्टेशनों से भारी राजस्व मिलता है, फिर भी यात्रियों के लिए न्यूनतम सुविधाएं ही मुहैया कराई जा रही हैं। गर्मियों की छुट्टियों में रेलवे टिकट काउंटर क्यों हो रहे कम
? पावर हाउस स्टेशन: भारी भीड़, कम सुविधा

रायपुर का पावर हाउस रेलवे स्टेशन भी यही हाल झेल रहा है। पहले जहां दो टिकट काउंटर चालू थे, अब वहां भी सिर्फ एक काउंटर से काम चलाया जा रहा है। यात्रियों की शिकायत है कि सुबह से टिकट के लिए लंबी लाइनें लगती हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। गर्मियों की छुट्टियों में रेलवे टिकट काउंटर क्यों हो रहे कम
क्या रेलवे यात्रियों को खुद ही ऑनलाइन सिस्टम की ओर धकेल रहा है?
इस समय सवाल उठता है —
क्या रेलवे जानबूझकर आम यात्रियों को डिजिटल या प्राइवेट एजेंट्स की ओर धकेल रहा है?
क्या यह रणनीति यात्रियों को टिकट दलालों और निजी पोर्टल्स पर निर्भर करने को मजबूर करने की कोशिश है?
✅ समाधान क्या हो सकता है?
- ? छुट्टियों के दौरान अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले जाएं
- ? भीड़भाड़ वाले समय में सुविधाएं बढ़ाई जाएं, घटाई नहीं जाएं
- ? रेलवे को यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि मुनाफे को
?️ यात्रियों की आवाज़ कौन सुनेगा?
आज की तारीख में रेलवे को करोड़ों का मुनाफा देने वाले स्टेशनों पर भी यदि केवल एक टिकट काउंटर चालू रहता है, तो यह न केवल प्रशासनिक असफलता है बल्कि यह आम जनता के साथ अन्याय भी है। गर्मियों की छुट्टियों में रेलवे टिकट काउंटर क्यों हो रहे कम
रेल प्रशासन को चाहिए कि वह समय रहते सुधार करे, वरना लोग विकल्प तलाशने लगेंगे।



















