जगदलपुर में मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा, पुलिस प्रशासन के फूले हाथ-पांव

जगदलपुर में मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक,छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के धरमपुरा रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक अचानक ऊंचे मोबाइल टावर पर जा चढ़ा। युवक को टावर की ऊंचाई पर देख स्थानीय लोगों के होश उड़ गए और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
पारिवारिक तनाव बना आत्मघाती कदम की वजह
मिली जानकारी के अनुसार, टावर पर चढ़े युवक की पहचान दीपक विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का निवासी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि युवक किसी पारिवारिक विवाद के कारण मानसिक तनाव में था, जिसके चलते उसने यह खतरनाक कदम उठाया।
पुलिस और प्रशासन की रेस्क्यू टीम मौके पर तैनात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और जिला प्रशासन की टीम फौरन मौके पर पहुँची। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। घंटों से जारी इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच पुलिस अधिकारी लाउडस्पीकर के माध्यम से युवक को समझाइश देने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उसे सुरक्षित नीचे उतारा जा सके। हालांकि, काफी देर बीत जाने के बाद भी युवक टावर पर ही डटा हुआ है, जिससे बचाव कार्य में चुनौतियां आ रही हैं।
इलाके में मची अफरा-तफरी, लोग डरे
जगदलपुर में मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक,स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवक अचानक टावर पर चढ़ने लगा और जब तक लोग कुछ समझ पाते, वह काफी ऊंचाई पर पहुँच चुका था। इस घटना से आसपास के निवासियों में डर का माहौल है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नीचे जाल और अन्य जीवन रक्षक संसाधनों की व्यवस्था की है।
सावधान! तनाव में न उठाएं आत्मघाती कदम: पूर्व में हुई है अनहोनी
मोबाइल टावर पर चढ़कर जान जोखिम में डालने की यह कोई पहली घटना नहीं है। हाल ही में दुर्ग जिले के भिलाई (नंदिनी थाना क्षेत्र) से एक दुखद खबर सामने आई थी।
भिलाई में छात्र ने टावर से कूदकर दी थी जान
नंदिनी नगर के रहने वाले 21 वर्षीय छात्र आकाश चंद्रिका पुरे ने बीएसपी अस्पताल के पीछे स्थित बीएसएनएल टावर से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। डिप्लोमा प्रथम सेमेस्टर के छात्र आकाश ने यह कदम मानसिक तनाव के चलते उठाया था।
छोटी सी गलती और बड़ा खौफ
जगदलपुर में मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक,पुलिस जांच में पता चला था कि घटना से एक दिन पहले आकाश से घर के पास गाड़ी दीवार से टकरा गई थी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। परिजनों की डांट के डर और मानसिक तनाव के कारण उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मामले की जांच की थी, लेकिन तब तक एक मासूम जान जा चुकी थी।
जीवन अनमोल है। किसी भी प्रकार के तनाव या समस्या होने पर अपने परिजनों, दोस्तों या विशेषज्ञों से बात करें। इस तरह के आत्मघाती कदम न केवल आपके लिए बल्कि आपके पूरे परिवार के लिए दुखद होते हैं।









