सरगुजा में जंगलराज: लकड़ी माफिया पर एक्शन लेने वाले दरोगा का तबादला, नेताओं-अधिकारियों की मिलीभगत का बड़ा आरोप

सरगुजा में जंगलराज: लकड़ी माफिया पर एक्शन लेने वाले दरोगा का तबादला, नेताओं-अधिकारियों की मिलीभगत का बड़ा आरोप
लकड़ी माफिया पर एक्शन लेने वाले दरोगा का तबादला, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में लकड़ी माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि जो भी अधिकारी उन पर कार्रवाई करता है, उसका तबादला करा दिया जाता है। एक तरफ सरकार ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाकर वृक्षारोपण का ढिंढोरा पीट रही है, तो वहीं दूसरी ओर सफेदपोश नेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों की कथित मिलीभगत से हरे-भरे जंगलों पर खुलेआम आरा चल रहा है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की उड़ रहीं धज्जियां
यह विडंबना ही है कि जिस शासन में एक पेड़ लगाकर दस नेता तस्वीरें खिंचवा रहे हैं, उसी शासन में तस्करों को हजारों पेड़ों की बलि चढ़ाने की खुली छूट मिली हुई है। आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े कुछ नेताओं की सांठगांठ से यह पूरा खेल चल रहा है। उत्तर प्रदेश के तस्करों ने सरगुजा के बतौली, लुण्ड्रा और सीतापुर जैसे इलाकों को अपना गढ़ बना लिया है, जहां से वे हर रात ट्रकों में कीमती इमारती लकड़ी भरकर उत्तर प्रदेश भेज रहे हैं।लकड़ी माफिया पर एक्शन लेने वाले दरोगा का तबादला
UP के तस्करों का सरगुजा में ‘ऑपरेशन जंगल सफा’
उत्तर प्रदेश के बड़े तस्करों ने सरगुजा में अपना पूरा नेटवर्क बिछा लिया है। वे स्थानीय किसानों से उनकी जमीन के कागजात (खसरा, बी-1) निकलवाकर उनकी कीमती लकड़ी को कौड़ियों के भाव खरीद लेते हैं और फिर उसे बेचकर लाखों का मुनाफा कमाते हैं। जानकारी के अनुसार, बाबर खान नामक एक बड़े तस्कर ने बतौली में एक ढाबा खोलकर पहले पूरे इलाके की रेकी की और फिर स्थानीय लोगों की एक फौज तैयार कर ली, जो अब इस अवैध कारोबार में उसकी मदद करती है। इन तस्करों ने फर्जी किराएनामे बनवाकर खुद को यहां का निवासी बना लिया है और बेधड़क होकर सरगुजा के जंगलों को उजाड़ने में लगे हैं।लकड़ी माफिया पर एक्शन लेने वाले दरोगा का तबादला
ईमानदारी की सजा? एक्शन लेने वाले सब-इंस्पेक्टर का हुआ तबादला
इस अवैध तस्करी के रास्ते में जब बतौली थाने के सब-इंस्पेक्टर संजय नाथ तिवारी रोड़ा बने, तो उन्हें अपनी ईमानदारी की कीमत चुकानी पड़ी। सब-इंस्पेक्टर तिवारी लगातार तस्करों पर कार्रवाई कर रहे थे और ट्रैक्टरों में लदी अवैध लकड़ी को जब्त कर वन विभाग को सौंप रहे थे। उनकी यह कार्रवाई लकड़ी माफिया और उनके संरक्षणदाता नेताओं को रास नहीं आई। नतीजतन, उन पर दबाव बनाकर उनका तबादला करा दिया गया, ताकि तस्करी का यह खेल बिना किसी रुकावट के फिर से शुरू हो सके।लकड़ी माफिया पर एक्शन लेने वाले दरोगा का तबादला
आरोपों के घेरे में सफेदपोश, तस्कर का दावा- ‘सब मिले हुए हैं’
आरोपों के अनुसार, तस्कर बाबर खान का तो यहां तक कहना है कि इस अवैध धंधे में सरगुजा के विधायक से लेकर वन विभाग के अधिकारी और कुछ मीडियाकर्मी भी शामिल हैं। इसी मिलीभगत के दम पर यह धंधा सरगुजा में फल-फूल रहा है। हालांकि, इस मामले पर जिला भाजपा महामंत्री देवनाथ सिंह और बतौली की तहसीलदार तारा सिदार ने कहा है कि अवैध कटाई को रोका जाएगा और तस्करों को पकड़कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।लकड़ी माफिया पर एक्शन लेने वाले दरोगा का तबादला



















