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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

Chhattisgarh Lightning Strike: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 11 मवेशियों की मौत, किसान को भारी नुकसान

Chhattisgarh Lightning Strike: Chhattisgarh के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां के एक सुदूर पहाड़ी इलाके (remote hilly area) में आकाशीय बिजली (Lightning Strike) गिरने से 11 मवेशियों (cattle) की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है।

अचानक बदला मौसम और मची तबाही

Chhattisgarh Lightning Strike: यह पूरी घटना गौरेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पहाड़ी ग्राम राजमेरगढ़ (Rajmergarh) की है। ग्रामीणों के मुताबिक:

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  • Sudden Weather Change: शनिवार शाम को अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज गर्जना (thunderstorm) के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई।

  • The Incident: रोजाना की तरह मवेशी सुबह जंगल में चरने गए थे। शाम को जब वे वापस गांव लौट रहे थे, तभी अचानक आसमानी बिजली काल बनकर उन पर गिरी।

  • Instant Death: बिजली का झटका इतना जोरदार था कि सभी 11 मवेशियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पीड़ित पशुपालक पर टूटा दुखों का पहाड़

Chhattisgarh Lightning Strike: जांच में पता चला है कि मारे गए सभी मवेशी राजमेरगढ़ निवासी नाथूराम यादव के थे। इस हादसे ने उनके परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है।

आजीविका का इकलौता साधन: ग्रामीणों ने बताया कि नाथूराम के परिवार का गुजारा पूरी तरह से पशुपालन (cattle farming) पर ही निर्भर था। एक साथ 11 मवेशियों की मौत से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान (heavy financial loss) हुआ है और परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

प्रशासन का एक्शन: मुआवजे (Compensation) की तैयारी शुरू

Chhattisgarh Lightning Strike: घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी गई।

  • Spot Inspection: प्रशासनिक अमला (Revenue and Veterinary team) तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति का मुआयना किया।

  • Panchnama Action: मृत मवेशियों का पंचनामा तैयार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • Compensation Case: प्रशासन ने प्रभावित पशुपालक के लिए मुआवजा प्रकरण (compensation case) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द राहत मिल सके।

Chhattisgarh Lightning Strike: ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि पीड़ित किसान की स्थिति को देखते हुए उन्हें जल्द से जल्द आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

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