छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ने वाला है! 30 से 50% तक की संभावना, जल्द होगा बड़ा फैसला

Chhattisgarh Bus Fare Hike News: छत्तीसगढ़ में यात्री बसों का किराया जल्दी बढ़ सकता है। परिवहन विभाग ने बस संचालकों के साथ अहम बैठक की है, जिसमें 30 से 50 प्रतिशत तक किराया वृद्धि पर चर्चा हुई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार बस यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। परिवहन विभाग बस किराया बढ़ाने की तैयारी में है। विभाग ने सभी बस ऑपरेटर्स के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं और मांगों पर विचार किया।

बैठक में क्या हुआ?
परिवहन विभाग ने बस संचालकों से एक-एक कर बात की और बस चलाने में आने वाली दिक्कतों को समझा। संचालकों ने बताया कि आखिरी बार बस किराया 2021 में बढ़ाया गया था। उसके बाद डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे उनका खर्च बहुत बढ़ गया है।
बस संचालकों की मुख्य मांग:

- डीजल की कीमत के हिसाब से बस किराया अपने आप बढ़े-घटे
- इसके लिए स्थायी कानून बनाया जाए
विभाग ने कहा कि अन्य राज्यों के बस किराया का तुलनात्मक अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही नया किराया दर तय कर फैसला लिया जाएगा।
अखिल भारतीय पर्यटक परमिट पर सख्ती
बैठक में All India Tourist Permit के दुरुपयोग पर भी सख्त रुख अपनाया गया। विभाग ने साफ कहा कि पर्यटक परमिट को स्टेज कैरिज (रूट बस) की तरह चलाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

बस संचालकों को दिए गए 10 महत्वपूर्ण निर्देश
परिवहन विभाग ने बस संचालकों को ये दिशा-निर्देश अनिवार्य रूप से मानने को कहा:
- महिला एवं दिव्यांग आरक्षण हर बस में 25% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखनी होंगी और बोर्ड लगाना अनिवार्य। दिव्यांगजनों के लिए कम से कम 3 सीटें और आसान चढ़ने-उतरने की व्यवस्था।
- टिकट जारी करना अनिवार्य हर यात्री को प्रिंटेड टिकट देना होगा, जिसमें परमिट नंबर, बस नंबर, किराया, तारीख आदि सारी डिटेल हो। टिकट रिकॉर्ड 2 साल तक रखना जरूरी।
- चालक-परिचालक का यूनिफॉर्म और आईडी सभी ड्राइवर और कंडक्टर को फोटो वाला पहचान पत्र और यूनिफॉर्म अनिवार्य।
- बस पर संपर्क जानकारी बस के बाहर मालिक का नाम, मोबाइल नंबर, परमिट डिटेल, हेल्पलाइन नंबर साफ-साफ लिखना होगा।
- अग्नि सुरक्षा और इमरजेंसी एग्जिट हर बस में इमरजेंसी दरवाजा, खिड़की, फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी हैमर और फर्स्ट एड किट रखना जरूरी।
- फायर डिटेक्शन सिस्टम AIS-119, AIS-063 और AIS-135 मानकों के अनुसार आधुनिक फायर डिटेक्शन और सप्रेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य।
- अवैध मॉडिफिकेशन पर रोक बिना अनुमति बॉडी, चेसिस या सीटों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
- परमिट शर्तों का पालन तय रूट, समय सारणी और यात्री क्षमता का सख्ती से पालन करना होगा।
- सड़क सुरक्षा के निर्देश सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य।
- उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई नियम तोड़ने पर परमिट सस्पेंड, लाइसेंस रद्द, बस जब्त और जुर्माना हो सकता है।
परिवहन विभाग का संदेश: यात्री सुरक्षा सबसे ऊपर है। विभाग किसी भी तरह के नियम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा।
अपडेट रहिए – जैसे ही नया बस किराया तय होगा, हम आपको सबसे पहले बताएंगे।
क्या आपको लगता है कि किराया 30-50% बढ़ना चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।









