छत्तीसगढ़ धान खरीदी के नए नियम: टोकन से कम धान लाने पर रकबा लैप्स

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के नए नियम लागू। बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य, टोकन से कम धान लाने पर रकबा लैप्स होगा। समर्थन मूल्य और टोकन सिस्टम जानें।
छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी सत्र के लिए राज्य सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। नई व्यवस्था में किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा के मुताबिक ही धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचना होगा। कम धान लाने पर बचे हुए हिस्से का रकबा लैप्स हो जाएगा और उसके लिए दोबारा टोकन नहीं कट सकेगा।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की इस व्यवस्था में बायोमीट्रिक सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। खरीदी की सभी प्रविष्टियां रियल टाइम डेटाबेस में दर्ज होंगी। इस बार समर्थन मूल्य पर कॉमन धान 2,441 रुपये और ग्रेड-ए धान 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।
टोकन से कम धान लाया तो क्या होगा?
नए नियम का सबसे अहम बिंदु यही है। किसान ने टोकन में जितनी मात्रा दर्ज कराई है, उतना धान लेकर पहुंचना जरूरी होगा।

- निर्धारित मात्रा से कम धान लाने पर बची हुई मात्रा का रकबा अगले टोकन में नहीं जुड़ेगा
- वह रकबा सीधे लैप्स (निरस्त) हो जाएगा
- किसान उस शेष रकबे के लिए दोबारा टोकन नहीं कटवा सकेगा
एक उदाहरण से समझिए
मान लीजिए किसी किसान ने 4 एकड़ के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से 84 क्विंटल का टोकन लिया। खरीदी के दिन वह सिर्फ 63 क्विंटल धान लेकर पहुंचा। ऐसे में शेष 21 क्विंटल के बराबर का 1 एकड़ रकबा लैप्स माना जाएगा।
बायोमीट्रिक सत्यापन और रियल टाइम निगरानी
खरीदी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार पहचान की जांच अनिवार्य की गई है।

- किसान की पहचान अंगूठे के निशान या आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन से होगी
- सत्यापन के बाद ही धान की खरीद पूरी होगी
- सभी प्रविष्टियां रियल टाइम डेटाबेस में दर्ज होंगी
- इससे बाद में रिकॉर्ड बदलने या पिछली तारीख में एंट्री करने की गुंजाइश खत्म होने की बात कही गई है
सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है।
रकबे के हिसाब से कितने टोकन मिलेंगे
टोकन अब भूमि के रकबे के आधार पर जारी होंगे।
- 2 एकड़ तक: 1 टोकन
- 10 एकड़ तक: अधिकतम 2 टोकन
- इससे ज्यादा रकबा: 3 टोकन
धान की मात्रा का बंटवारा भी तय है। 2 टोकन होने पर मात्रा 50-50 प्रतिशत और 3 टोकन होने पर 33-33-34 प्रतिशत के अनुपात में बांटी जाएगी।
टोकन डिलीट हुआ तो क्या करें?
अगर किसान टोकन कटवाने के बाद तय तारीख पर धान लेकर केंद्र नहीं पहुंच पाता, तो अगले दिन उसका टोकन अपने आप डिलीट हो जाएगा।
- टोकन दोबारा जारी कराने की अनुमति सिर्फ एक बार मिलेगी
- दूसरी बार टोकन डिलीट होने पर संबंधित मात्रा का रकबा हमेशा के लिए लैप्स हो जाएगा
इसलिए किसानों के लिए टोकन की तारीख का ध्यान रखना और उसी दिन धान पहुंचाना जरूरी होगा।
70:30 का फॉर्मूला और AgriStack से जुड़ाव
टोकन जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए दो माध्यम तय किए गए हैं।
- कुल टोकन का 70 प्रतिशत मोबाइल ऐप के जरिए जारी होगा
- 30 प्रतिशत टोकन समितियों के माध्यम से मिलेंगे
धान की रिसाइक्लिंग और फर्जी पंजीयन रोकने के लिए पूरी व्यवस्था को AgriStack आधारित प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। इसकी ऑनलाइन निगरानी राजधानी रायपुर से की जाएगी।
किसानों को क्या ध्यान रखना चाहिए
- टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही धान लेकर पहुंचें
- तय तारीख न चूकें, वरना टोकन अगले दिन डिलीट हो जाएगा
- बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए खुद केंद्र पर मौजूद रहें
- रकबे और पंजीयन की जानकारी AgriStack से जुड़ी होने के कारण उसे सही रखें









