अटल आवास में छत गिरने से युवक घायल, 100 परिवारों में दहशत

धमतरी के विवेकानंद वार्ड स्थित अटल आवास में मकान की छत का सीलिंग हिस्सा गिरने से एक युवक घायल हो गया। करीब 30 साल पुराने मकानों में रह रहे 100 परिवारों ने मरम्मत की मांग उठाई है।
धमतरी में जर्जर मकान की छत गिरने से युवक घायल, बाल-बाल बचे बच्चे
धमतरी के विवेकानंद वार्ड स्थित अटल आवास कॉलोनी में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एक मकान की छत का सीलिंग हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में घर में मौजूद युवक आ गया।

हादसे में युवक को चोटें आई हैं और उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त घर के बच्चे कमरे से बाहर थे, वरना नुकसान और बड़ा हो सकता था।
इस घटना ने अटल आवास में रह रहे करीब 100 परिवारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो पिछले करीब तीन दशकों से इन जर्जर मकानों में रह रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार हादसे के वक्त घर में सन्नाटा था और कमरे में सिर्फ एक युवक मौजूद था। अचानक छत का सीलिंग हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा, जिससे कमरे का पूरा फर्श और बिस्तर मलबे से पट गया।
- हादसे में युवक घायल हुआ, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया
- घटना के वक्त घर के बच्चे बाहर होने से बड़ी अनहोनी टल गई
- मलबा गिरने से कमरे की पूरी हालत बिगड़ गई
- घटना की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया
30 साल पुराने मकानों में रह रहे 100 परिवार
स्थानीय निवासियों के अनुसार अटल आवास में करीब 100 परिवार पिछले करीब 30 वर्षों से रह रहे हैं। लंबे समय से इन मकानों की मरम्मत न होने के कारण इनकी हालत लगातार खराब होती जा रही है।

अटल आवास विवेकानंद वार्ड के अध्यक्ष राजेश कुमार चतुर्वेदी के मुताबिक, हादसे में घायल हुए व्यक्ति की पहचान रोशन कुमार टंडन के रूप में हुई है, जो इसी कॉलोनी के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि रोशन को चोट जरूर आई है, लेकिन वह बड़े हादसे से बाल-बाल बच गए।
चतुर्वेदी ने यह भी बताया कि कॉलोनी में इससे पहले भी अलग-अलग मकानों में सीलिंग और छत से जुड़े नुकसान की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे यहां रहने वाले परिवारों में डर का माहौल बना रहता है।
क्या बदला? आसपास के लोगों में बढ़ी चिंता
इस ताजा घटना के बाद अटल आवास और आसपास रहने वाले लोगों में डर और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी के कई मकान पहले से ही जर्जर हालत में हैं, और यहां रहने वाले परिवारों को हमेशा छत गिरने की आशंका सताती रहती है।
लोगों का यह भी कहना है कि इस घटना को महज एक इकलौता हादसा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसके बजाय पूरी कॉलोनी के मकानों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि आगे किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
चरणबद्ध निर्माण का सुझाव
वार्ड अध्यक्ष राजेश कुमार चतुर्वेदी ने प्रशासन के सामने एक व्यावहारिक सुझाव रखा है। उनके अनुसार अगर अटल आवास में नए सिरे से निर्माण कराना जरूरी हो, तो पूरी कॉलोनी को एक साथ खाली कराने के बजाय चरणबद्ध तरीके से काम किया जाना चाहिए।
उनके सुझाव के मुताबिक:
- पहले चरण में कॉलोनी के एक हिस्से के मकानों का निर्माण पूरा कराया जाए
- निर्माण पूरा होते ही वहां रहने वाले परिवारों को नए मकानों में शिफ्ट किया जाए
- इसके बाद दूसरे हिस्से के मकानों पर काम शुरू किया जाए
इस तरीके से परिवारों को लंबे समय तक बेघर होने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी और साथ ही जर्जर मकानों की समस्या का स्थायी हल भी निकल सकेगा।
आगे क्या होगा? लोगों की मांग
अटल आवास में रहने वाले परिवारों ने प्रशासन से जल्द से जल्द कदम उठाने की मांग की है। रहवासियों का कहना है कि संबंधित विभाग को पूरी कॉलोनी का निरीक्षण कर जर्जर मकानों को चिन्हित करना चाहिए और जरूरी मरम्मत का काम शुरू कराना चाहिए।
जिन मकानों की हालत ज्यादा खराब है, वहां नए निर्माण या वैकल्पिक सुरक्षित आवास की व्यवस्था पर भी विचार किए जाने की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों की चेतावनी है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
फिलहाल घायल युवक का इलाज जारी है और मामले की आगे की जानकारी सामने आना बाकी है।









