कुरुद में 3.06 करोड़ के विकास कार्य मंजूर, बनेंगे नए SDM-तहसील भवन

कुरुद विधानसभा क्षेत्र में 3 करोड़ 6 लाख 84 हजार रुपये के कार्य स्वीकृत हुए हैं। 11 पंचायतों में 15 निर्माण कार्य और SDM-तहसील के नए भवन बनेंगे।
कुरुद विधानसभा क्षेत्र को 3 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की स्वीकृति
छत्तीसगढ़ के कुरुद विधानसभा क्षेत्र में कुल 3 करोड़ 6 लाख 84 हजार रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। बताया गया है कि क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर के प्रयासों से यह राशि स्वीकृत हुई है।

इस राशि से एक तरफ गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, तो दूसरी तरफ कुरुद मुख्यालय में प्रशासनिक भवनों का नया ढांचा तैयार किया जाएगा। इसमें 11 ग्राम पंचायतों के 15 निर्माण कार्य और SDM व तहसील कार्यालय के नए भवन शामिल हैं।
किस काम के लिए कितनी राशि मंजूर हुई?
कुल स्वीकृत राशि दो हिस्सों में बंटी है:

- ग्रामीण क्षेत्र: 11 ग्राम पंचायतों में 15 निर्माण कार्यों के लिए 56 लाख 80 हजार रुपये
- कुरुद मुख्यालय: SDM और तहसील कार्यालय के नए भवनों के लिए 2 करोड़ 50 लाख 4 हजार रुपये
दोनों राशियों को जोड़ने पर कुल रकम 3 करोड़ 6 लाख 84 हजार रुपये होती है।
गांवों में क्या बदलेगा?
11 ग्राम पंचायतों में कुल 15 निर्माण कार्य कराए जाएंगे, जिनके लिए 56.80 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। जानकारी के अनुसार इनका मकसद गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है।

अभी यह सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है कि ये कार्य किन पंचायतों में होंगे और किस प्रकृति के होंगे, जैसे सड़क, नाली या सामुदायिक भवन। इसका ब्योरा सामने आने पर तस्वीर साफ होगी।
कुरुद में नए SDM और तहसील भवन
मुख्यालय में सबसे बड़ा हिस्सा प्रशासनिक भवनों के लिए रखा गया है। SDM कार्यालय और तहसील कार्यालय के नए भवनों के लिए 2 करोड़ 50 लाख 4 हजार रुपये मंजूर हुए हैं।
इन भवनों से नगर में प्रशासनिक ढांचा आधुनिक बनाने की बात कही गई है। आमतौर पर ऐसे दफ्तर राजस्व और प्रशासनिक कामों के लिए आम लोगों के सबसे ज्यादा संपर्क वाले केंद्र होते हैं, इसलिए नए भवन का असर क्षेत्र के लोगों की रोजमर्रा की सुविधा पर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
अभी स्वीकृति की जानकारी सामने आई है। निर्माण कार्य कब शुरू होंगे, कितने समय में पूरे होंगे और किस एजेंसी के जरिए कराए जाएंगे, इस बारे में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। टेंडर और कार्य आदेश जारी होने के बाद ही समय-सीमा स्पष्ट हो सकेगी।









