अंबिकापुर के कृषि कार्यालय में छत का प्लास्टर गिरा, कर्मचारी बाल-बाल बचे

अंबिकापुर कलेक्टोरेट परिसर स्थित कृषि कार्यालय की तकनीकी शाखा में सोमवार को छत का प्लास्टर गिर गया। हादसे के वक्त कमरे में 5-6 कर्मचारी मौजूद थे, सभी सुरक्षित हैं। जानें पूरा मामला।
क्या हुआ अंबिकापुर के कृषि कार्यालय में?
अंबिकापुर के कलेक्टोरेट परिसर में स्थित उपसंचालक कृषि कार्यालय की तकनीकी शाखा में सोमवार को छत का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। उस वक्त कमरे में लगभग 5 से 6 कर्मचारी अपने रोजमर्रा के काम में जुटे थे।

राहत की बात यह रही कि गिरा हुआ मलबा किसी कर्मचारी पर सीधे नहीं गिरा, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि अचानक हुई इस घटना से कमरे में मौजूद कर्मचारी सहम गए और कुछ पल के लिए कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इसने कार्यालय भवन की जर्जर हालत को एक बार फिर सामने ला दिया है।

पहले भी गिर चुका है इसी कार्यालय में प्लास्टर

कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों के अनुसार, यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी भवन के एक अन्य कमरे में छत का प्लास्टर गिर चुका है। सोमवार को दोबारा एक कमरे की छत का हिस्सा गिरने से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना और गहरी हो गई है।

कर्मचारियों का कहना है कि भवन की स्थिति समय के साथ लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मजबूरी में इसी भवन में बैठकर काम करना पड़ रहा है।
क्यों जर्जर हो चुका है भवन?

कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों ने बताया कि भवन काफी पुराना हो चुका है, और इसकी मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई है। इस वजह से भवन की हालत खराब होती जा रही है।
भवन की जर्जर स्थिति की मुख्य वजहें इस प्रकार बताई जा रही हैं:
- बारिश के मौसम में कई कमरों की छत से पानी टपकता है
- दीवारों में जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही हैं
- छत और दीवारों से समय-समय पर प्लास्टर उखड़ रहा है
- लंबे समय से भवन का रखरखाव नहीं हुआ
कर्मचारियों ने उठाई कार्यालय शिफ्ट करने की मांग
घटना के बाद कार्यालय के कर्मचारियों ने प्रशासन से कार्यालय को किसी सुरक्षित भवन में स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इस भवन में न सिर्फ कर्मचारी, बल्कि रोजाना बड़ी संख्या में किसान भी अपने कामकाज के सिलसिले में पहुंचते हैं।
ऐसे में अगर भवन की मरम्मत या स्थानांतरण को लेकर जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
दिल्ली हादसे के बाद सीएम ने दिए थे जर्जर भवनों पर सख्ती के निर्देश
गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने की घटना सामने आई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में जर्जर भवनों को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे।
रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में जर्जर भवनों को चिन्हित कर जरूरी कार्रवाई करने को कहा था।
इस निर्देश के कुछ ही समय बाद अंबिकापुर के कलेक्टोरेट परिसर में ही स्थित एक सरकारी कार्यालय में छत गिरने की घटना ने प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई या जांच की पुष्टि नहीं हुई है। कर्मचारियों की मांग है कि भवन का जल्द निरीक्षण कर मरम्मत या पुनर्निर्माण पर फैसला लिया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।








