LIVE UPDATE
अपराधअंबिकापुर

नशीले इंजेक्शन तस्करी मामले में युवक को 12 साल की सश्रम कैद, 1 लाख जुर्माना

अंबिकापुर में भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन के साथ पकड़े गए युवक को विशेष न्यायाधीश नार्कोटिक्स कोर्ट ने 12 वर्ष सश्रम कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

नशे के कारोबार पर कोर्ट का सख्त फैसला

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में नशीले इंजेक्शन की तस्करी के एक मामले में विशेष न्यायाधीश नार्कोटिक्स कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। करीब एक साल पहले भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन के साथ पकड़े गए युवक को कोर्ट ने 12 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!
ये खबर भी पढ़ें…
कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह सिद्धू को डाक से मिला धमकी भरा पत्र, एसपी से सुरक्षा की मांग
कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह सिद्धू को डाक से मिला धमकी भरा पत्र, एसपी से सुरक्षा की मांग
October 31, 2026
अंबिकापुर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह सिद्धू को डाक से पत्र मिला, जिसमें हत्या की साजिश का दावा है। उन्होंने...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

यह फैसला 10 सितंबर को विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने सुनाया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे 6 माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता संजय अंबष्ट ने पैरवी की, जबकि सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पांडेय ने पक्ष रखा।

फैसले के दिन तक आरोपी को जमानत नहीं मिल पाई थी और वह न्यायिक हिरासत में ही जेल में बंद था।

ये खबर भी पढ़ें…
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बिखरी प्राचीन प्रतिमाएं असुरक्षित, संरक्षण की मांग तेज
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बिखरी प्राचीन प्रतिमाएं असुरक्षित, संरक्षण की मांग तेज
October 31, 2026
बीजापुर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में नागवंश और काकतीय काल की सैकड़ों प्रतिमाओं का सर्वेक्षण नहीं हुआ है। जंगल सफारी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

कैसे हुई थी गिरफ्तारी?

यह पूरा मामला करीब एक साल पुराना है, जब सरगुजा जिले के आबकारी विभाग को गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई करनी पड़ी थी।

  • सरगुजा के सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अंबिकापुर के दर्रीपारा निवासी सूरज यादव (पिता गोपाल यादव) बाइक से भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करने वाला है।
  • सूचना के अनुसार आरोपी हर्राटिकरा पुलिया, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के पास पहुंचने वाला था।
  • सूचना मिलते ही आबकारी विभाग की संभागीय उड़नदस्ता टीम ने मेडिकल कॉलेज इलाके में घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी की पीठ पर टंगे बैग से भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए थे।

ये खबर भी पढ़ें…
पालघर और पवई में 15 वर्षीया किशोरियों से यौन उत्पीड़न के दो मामले, 8 आरोपी गिरफ्तार
पालघर और पवई में 15 वर्षीया किशोरियों से यौन उत्पीड़न के दो मामले, 8 आरोपी गिरफ्तार
October 31, 2026
नालासोपारा में दो सगे भाई और मुंबई के पवई में छह आरोपी गिरफ्तार। दोनों मामलों में 15 वर्षीय किशोरियों से...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बरामदगी में क्या-क्या मिला?

पुलिस और आबकारी टीम की जांच में आरोपी के पास से जो सामान बरामद हुआ, वह इस प्रकार है:

  • 99 नग रेक्सोजेसिक इंजेक्शन
  • 79 नग एविल इंजेक्शन

इतनी बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन की बरामदगी के बाद आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।

किस कानून के तहत हुई कार्रवाई?

बरामदगी के बाद आरोपी सूरज यादव को एनडीपीएस एक्ट (नशीले पदार्थ एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम) की धारा 22(सी) के तहत गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। तब से लेकर फैसला आने तक आरोपी जेल में ही बंद रहा।

कोर्ट का फैसला और सजा का ब्योरा

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश नार्कोटिक्स अंबिकापुर की अदालत में चली। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई:

  • 12 वर्ष का सश्रम कारावास
  • 1 लाख रुपए का अर्थदंड
  • जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त 6 माह का सश्रम कारावास

आबकारी विभाग की जनता से अपील

मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि विभाग लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत होने वाली सख्त कार्रवाई और इसकी गंभीरता के बारे में जागरूक करता रहता है। अधिकारी के अनुसार, इस तरह के मामलों में जमानत मिलना कठिन होता है और सजा मिलना लगभग तय होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे के अवैध कारोबार से दूर रहें, क्योंकि कानून इसमें सख्ती से कार्रवाई करता है।

आगे क्या?

फैसले के बाद दोषी को अपनी सजा जेल में ही काटनी होगी। यह मामला नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रशासन की सख्ती को दिखाता है और क्षेत्र में इस तरह के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी भी है।

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE