छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिलेंगे 6 नए जज, कॉलेजियम ने नामों को दी मंजूरी

कोर्ट कॉलेजियम ने 30 अक्टूबर की बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए 4 अधिवक्ताओं और 2 न्यायिक अधिकारियों के नामों को मंजूरी दी। अधिसूचना का इंतजार।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 30 अक्टूबर को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (बिलासपुर) के लिए 6 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनमें चार अधिवक्ता और दो न्यायिक अधिकारी शामिल हैं।

कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अंतिम नियुक्ति संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने और सरकार की अधिसूचना जारी होने पर ही प्रभावी होगी। यानी नए जजों के शपथ ग्रहण की तारीख अभी तय नहीं है।
कौन-कौन से नाम हैं सिफारिश में?
कॉलेजियम ने जिन नामों को मंजूरी दी है, वे दो श्रेणियों से हैं।

अधिवक्ता वर्ग से (4):
- आनंद शुक्ला
- रत्न निधि पुष्टी उर्फ आर.एन. पुष्टी उर्फ रतन पुष्टी
- शशांक ठाकुर
- सौरभ शर्मा
न्यायिक अधिकारी वर्ग से (2):

- रजनीश श्रीवास्तव
- बलराम प्रसाद वर्मा
अभी आगे की प्रक्रिया बाकी
कॉलेजियम की मंजूरी नियुक्ति की दिशा में अहम कदम है, लेकिन यह अंतिम आदेश नहीं है। संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही नियुक्ति की अधिसूचना जारी होगी। तब तक इन नामों को सिफारिश के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
हाईकोर्ट में जजों की मौजूदा स्थिति
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर हाईकोर्ट में स्वीकृत पदों की संख्या 22 है। सितंबर 2026 में हुई नई नियुक्तियों के बाद कार्यरत जजों की संख्या 14 बताई गई है।
वर्तमान में कार्यरत जज:
- जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू
- जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास
- जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी
- जस्टिस सचिन सिंह राजपूत
- जस्टिस राकेश मोहन पांडे
- जस्टिस संजय कुमार जायसवाल
- जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल
- जस्टिस बिभू दत्ता गुरु
- जस्टिस अमेंद्र किशोर प्रसाद
- जस्टिस संतोष शर्मा (सितंबर 2026 में नियुक्त)
- जस्टिस सुषमा सावंत (सितंबर 2026 में नियुक्त)
- जस्टिस सुधीर कुमार (सितंबर 2026 में नियुक्त)
क्या बदलेगा, किस पर असर पड़ेगा?
नियुक्तियां अधिसूचित होने पर जजों की संख्या बढ़ेगी, जिससे लंबित मामलों की सुनवाई को गति मिलने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा उन वादियों और अधिवक्ताओं को हो सकता है, जिनके मामले लंबे समय से सुनवाई के इंतजार में हैं। हालांकि लंबित मामलों की मौजूदा संख्या और असर का आकलन अभी उपलब्ध नहीं है।









