कस्टम मिलिंग चावल जमा में देरी, 11 मिलर्स ने नहीं दिया एक दाना

रायपुर जिले में 183 राइस मिलर्स में से 11 ने अब तक कस्टम मिलिंग का चावल जमा नहीं किया, प्रशासन ने बैंक गारंटी जब्ती और मिल सीलबंदी की चेतावनी दी।
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में कस्टम मिलिंग व्यवस्था के तहत चावल जमा करने में राइस मिलर्स की भारी लापरवाही सामने आई है। धान उठाव के करीब साढ़े सात महीने बाद भी जिले के 183 मिलर्स में से ज्यादातर तय मात्रा में चावल जमा नहीं कर पाए हैं, जिनमें 11 मिलर्स ऐसे हैं जिन्होंने अब तक चावल का एक दाना भी जमा नहीं किया है।

मामला गंभीर होते देख जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संबंधित मिलर्स को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर चावल जमा करने की चेतावनी दी गई है, ऐसा न करने पर बैंक गारंटी जब्त करने और मिल को सील करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
यह पूरा मामला जिले की धान खरीद और कस्टम मिलिंग प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें मिलर्स द्वारा सरकारी धान का उठाव कर उसके बदले तय मात्रा में चावल लौटाया जाना होता है।

कितना चावल जमा होना बाकी है?
जिला प्रशासन से मिले आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर में एग्रीमेंट के तहत मिलर्स द्वारा धान का बड़े पैमाने पर उठाव किया गया था, लेकिन उसके एवज में जमा होने वाला चावल अब तक पूरा नहीं आया है।
- 183 राइस मिलर्स द्वारा कुल करीब 3 लाख 98 हजार टन धान का उठाव किया गया
- इसके बदले लगभग 2 लाख 67 हजार टन चावल जमा किया जाना है
- अब तक सिर्फ करीब 1 लाख 51 हजार टन चावल ही जमा हो सका है
- शेष लगभग 1 लाख 16 हजार टन चावल जमा होना अभी बाकी है
- धान का उठाव 15 नवंबर 2025 से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक हुआ था
इस हिसाब से उठाव खत्म हुए साढ़े सात महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक तय मात्रा के मुकाबले सिर्फ करीब आधा चावल ही जमा हो पाया है।

11 मिलर्स ने नहीं जमा किया एक दाना भी
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि 183 में से 11 मिलर्स ऐसे हैं जिन्होंने महीनों बीत जाने के बाद भी चावल की एक भी खेप जमा नहीं की है। रिपोर्टों के अनुसार इन मिलर्स ने करोड़ों रुपए मूल्य का चावल अपने मिल परिसर में ही रोक रखा है।
हाल ही में कलेक्टर के निर्देश पर हुई समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को मिलर्स पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए, ताकि आने वाले महीने तक शत-प्रतिशत चावल जमा सुनिश्चित हो सके।
किस स्तर पर हैं बाकी मिलर्स?
सभी मिलर्स की स्थिति एक जैसी नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक:
- केवल 32 मिलर्स ही 90 से 100 प्रतिशत तक चावल जमा कर पाए हैं
- इनमें से भी सिर्फ 6 मिलर्स ने पूरा यानी शत-प्रतिशत चावल जमा किया है
- करीब 80 मिलर्स ने 50 से 90 प्रतिशत के बीच चावल जमा किया है
- शेष मिलर्स इससे भी पीछे हैं, जिनमें 11 मिलर्स शून्य पर हैं
अब क्यों बढ़ रहा है दबाव?
राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल के अनुसार, अब तक मिलर्स एफसीआई को चावल जमा करने को प्राथमिकता दे रहे थे। लेकिन अब दो महीने का चावल वितरण एक साथ करना है, इसलिए छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (नान) को चावल जमा करने के लिए मिलर्स पर दबाव बढ़ाया जा रहा है। एसोसिएशन के मुताबिक अब मिलर्स तेजी से नान को चावल जमा करना शुरू करेंगे।
प्रशासन का क्या कहना है?
अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने स्पष्ट किया है कि कस्टम मिलिंग का चावल जमा न करने वाले मिलर्स पर सख्ती बरती जाएगी। कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित मिलर्स को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
आगे क्या होगा?
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नोटिस के बावजूद तीन दिन में चावल जमा न करने वाले मिलर्स के खिलाफ बैंक गारंटी जब्त की जाएगी और उनकी मिल को सीलबंद करने की कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कितने मिलर्स समय रहते जमा प्रक्रिया पूरी करते हैं और प्रशासन घोषित कार्रवाई को कितनी सख्ती से लागू करता है।









