कोण्डागांव बैंक में ₹36.79 लाख की अनियमितता, पूर्व मैनेजर पर चालान पेश

बड़े डोंगर की बैंक ऑफ इंडिया शाखा में ₹36.79 लाख की अनियमितता के आरोप में EOW/ACB ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक के खिलाफ करीब 1500 पन्नों का चालान पेश किया।
कोण्डागांव जिले की बड़े डोंगर स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में ₹36,79,323 की वित्तीय अनियमितता के मामले में जांच पूरी हो गई है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण/एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक भावेश विश्वकर्मा के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान पेश किया है।

यह चालान कोण्डागांव की विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में दाखिल हुआ है और करीब 1500 पन्नों का है। अब आगे की कार्रवाई न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत होगी।
ध्यान रहे कि ये सभी बातें जांच एजेंसी की विवेचना और आरोपों पर आधारित हैं। आरोप साबित करने का काम अब अदालत में होगा।

क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसी के मुताबिक आरोप है कि शाखा प्रबंधक के पद पर रहते हुए भावेश विश्वकर्मा ने बैंक के कई खातों में अनियमितता की।
- कुल ₹36,79,323 के अनधिकृत अंतरण की बात विवेचना में सामने आई।
- इस राशि में बैंक के कार्यालय खाते, फसल बीमा खाते, ग्राहकों के बचत और ऋण खाते तथा स्वयं सहायता समूहों के खाते शामिल बताए गए हैं।
- रकम बैंक ऑफ बड़ौदा की कोण्डागांव शाखा में आरोपी के निजी खाते सहित अन्य खातों में भेजी गई, ऐसा जांच एजेंसी का कहना है।
कैसे हुई कथित गड़बड़ी?
विवेचना के अनुसार, शाखा के अन्य अधिकारियों की जानकारी और सहमति के बिना उनकी यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इसी तरह सक्रिय बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर रकम ट्रांसफर की गई।

कब तक तैनात थे आरोपी?
- 25 जून 2019 से 18 जनवरी 2022 तक वे बड़े डोंगर शाखा में प्रबंधक रहे।
- कथित अनियमितता इसी अवधि के दौरान की बताई गई है।
किन धाराओं में दर्ज है केस?
भावेश विश्वकर्मा के खिलाफ 4 अप्रैल 2022 को अपराध क्रमांक 04/2022 दर्ज हुआ था। मामला इन धाराओं में पंजीबद्ध है:
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(क) और 13(2)
- भारतीय दंड संहिता की धारा 409
जांच में क्या जुटाया गया?
जांच के दौरान EOW/ACB ने तीन तरह के साक्ष्य जुटाने की बात कही है:
- बैंक से जुड़े दस्तावेज
- इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
- संबंधित गवाहों के बयान
एजेंसी का दावा है कि इन साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
बैंक ने पहले ही की थी कार्रवाई
इस मामले में बैंक ऑफ इंडिया ने विभागीय जांच भी कराई थी। उसके बाद 27 सितंबर 2022 को भावेश विश्वकर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
अब आगे क्या होगा?
चालान पेश होने के बाद मामला अब विशेष न्यायालय, कोण्डागांव में चलेगा। आगे की सुनवाई और कार्रवाई न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुसार होगी। किसी भी व्यक्ति पर दोष तभी सिद्ध माना जाएगा, जब अदालत अपना फैसला सुनाए।









