पालघर और पवई में 15 वर्षीया किशोरियों से यौन उत्पीड़न के दो मामले, 8 आरोपी गिरफ्तार

नालासोपारा में दो सगे भाई और मुंबई के पवई में छह आरोपी गिरफ्तार। दोनों मामलों में 15 वर्षीय किशोरियों से यौन उत्पीड़न का आरोप, पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज।
महाराष्ट्र में 15 वर्षीय दो किशोरियों के साथ यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पालघर जिले के नालासोपारा पूर्व में पेल्हार पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुंबई के पवई में पुलिस ने शिकायत के 24 घंटे के भीतर छह आरोपियों को पकड़ लिया।

पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में आरोपियों पर पीड़िताओं को फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप है। ये सभी बातें एफआईआर और पुलिस की प्रारंभिक जानकारी पर आधारित हैं, और आरोपों की पुष्टि अदालती प्रक्रिया में होगी।
पवई मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

नालासोपारा मामला: क्या है आरोप?
एफआईआर के मुताबिक, घटना 27 अक्टूबर को सुबह करीब 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच की है।
- कहां: नालासोपारा पूर्व, गावदेवी मंदिर के पास स्थित एक कपड़े की दुकान
- आरोपी: अमन नतीफ शेख (24) और उनके भाई अरबाज शेख (30)
- आरोप: 15 वर्षीय किशोरी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का
- धमकी का आरोप: घटना की जानकारी किसी को देने पर फोटो-वीडियो वायरल करने की बात कही गई
- कार्रवाई: पेल्हार पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया है
पवई मामला: 24 घंटे में छह गिरफ्तारियां
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पवई की घटना 27 और 28 अक्टूबर के बीच की बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी अपने चार साथियों के साथ किशोरी को साकी विहार रोड पर एक बेकरी के पीछे सुनसान जगह ले गया, जहां कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया गया।

आरोप है कि घटना के बाद पीड़िता को धमकी दी गई कि परिवार या पुलिस को बताने पर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी।
पाइपलाइन के पास भी छेड़छाड़ का आरोप
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी मामले में एक अन्य आरोपी ने पवई में पाइपलाइन के पास किशोरी को रोका और कथित तौर पर छेड़छाड़ व यौन उत्पीड़न किया।
शिकायत और कानूनी धाराएं
पीड़िता ने परिवार की मदद से 29 अक्टूबर की सुबह पवई पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और 74 के साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 4, 8 और 12 के तहत एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस ने अलग-अलग जगह छापेमारी कर शिकायत के 24 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, इनमें से किसी का भी पहले से आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
मेडिकल जांच और आगे की कार्रवाई
पवई मामले की पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए मुंबई के केईएम अस्पताल भेजा गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
अभिभावकों और किशोरों के लिए जरूरी बातें
दोनों मामलों में तस्वीरें-वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप सामने आया है। ऐसे में कुछ बातें ध्यान रखने लायक हैं:
- धमकी मिलने पर डरकर चुप न रहें, परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य को बताएं।
- पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। नाबालिगों के मामलों में पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
- बच्चों की शिकायत को धैर्य से सुनें और उन्हें दोषी महसूस न कराएं।
- बच्चों के लिए चाइल्डलाइन 1098 की सेवा उपलब्ध है।
(यह खबर पुलिस और एफआईआर की प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। सभी आरोपी फिलहाल आरोपी हैं, दोष अदालत में सिद्ध होना बाकी है। नई पुष्टि होने पर खबर अपडेट की जा सकती है।)









