LIVE UPDATE
बीजापुर

दुगोली इकोपार्क में रात के वक्त सागौन के पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी, वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल

बीजापुर: दुगोली इकोपार्क में रात के वक्त सागौन के पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी, वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल, जिले के प्रसिद्ध दुगोली इकोपार्क में इन दिनों बेशकीमती सागौन के पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि वन विभाग रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ गिरा रहा है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, अब तक लगभग 20 विशालकाय पेड़ों को काटा जा चुका है, जबकि कुल 35 पेड़ों को हटाने की तैयारी है।

नर्सरी विकास का तर्क या कुछ और?

दुगोली इकोपार्क में रात के वक्त सागौन के पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी,वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई इकोपार्क में नई नर्सरी विकसित करने के उद्देश्य से की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पुराने पेड़ों की घनी छाया के कारण छोटे पौधों को पर्याप्त धूप और रोशनी नहीं मिल पा रही थी, जिससे उनका विकास रुक रहा था। हालांकि, रात के समय मशीनों और बुलडोजर के जरिए की जा रही इस कटाई ने कई संदेह पैदा कर दिए हैं।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

आदेशों की गोपनीयता पर संशय

दुगोली इकोपार्क में रात के वक्त सागौन के पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी,इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव स्पष्ट दिख रहा है। वन विभाग के रेंजर, एसडीओ (SDO) या सीसीएफ (CCF) द्वारा अब तक इस संबंध में कोई भी लिखित आधिकारिक आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है। रात के अंधेरे में पेड़ों को गिराने की जल्दबाजी ने मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है।

अधिकारियों का क्या है कहना?

दुगोली इकोपार्क में रात के वक्त सागौन के पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी,वन विभाग के एसडीओ देवेंद्र गोंड ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रात में पेड़ों को काटने की कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं थी, यह काम दिन में भी किया जा सकता था। उन्होंने बताया कि पेड़ों को काटने का निर्देश डीएफओ द्वारा दिया गया है और इसके लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भी भेजा गया था, हालांकि वे मौके पर आदेश की प्रति नहीं दिखा सके।

दुगोली इकोपार्क में रात के वक्त सागौन के पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी,वहीं, जगदलपुर के सीसीएफ आलोक तिवारी ने पेड़ों को हटाने की अनुशंसा की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के पिछले दौरे के दौरान उन्होंने स्थिति का आकलन कर यह निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पुनः क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे।

पर्यावरण विशेषज्ञों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश

दुगोली इकोपार्क में रात के वक्त सागौन के पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी,स्थानीय पर्यावरणविदों और नागरिक संगठनों ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि सागौन जैसे महत्वपूर्ण पेड़ों की कटाई से स्थानीय जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) पर बुरा असर पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि इकोपार्क की हरियाली ही इसकी असली पहचान है, और इस तरह पेड़ों की बलि देने से पर्यटन की संभावनाएं भी खत्म हो जाएंगी।

दुगोली इकोपार्क में रात के वक्त सागौन के पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी,फिलहाल, इस पूरे मामले में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा हुआ है। क्या वास्तव में यह विकास के लिए जरूरी था, या इसके पीछे कुछ और मंशा है, यह जांच का विषय बना हुआ है।

Pooja Chandrakar

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है। इसकी प्रतिबद्ध ऑनलाइन संपादकीय टीम हर रोज विशेष और विस्तृत कंटेंट देती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE