छत्तीसगढ़ AAP में हलचल: कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल का इस्तीफा, जानें पूरी वजह

छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने पद से इस्तीफा दिया। केजरीवाल और प्रभारी मुकेश अहलावत को भेजे पत्र में संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) के संगठन को एक और झटका लगा है। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने यह इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और छत्तीसगढ़ प्रभारी मुकेश अहलावत को भेजा है। जायसवाल ने पत्र में साफ लिखा है कि यह फैसला उन्होंने पार्टी की मौजूदा कार्यशैली और प्रदेश संगठन की दिशा को लेकर लंबे समय से चली आ रही असंतुष्टि के बाद लिया है।
गौरतलब है कि जायसवाल को कुछ महीने पहले ही यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जब पार्टी नेतृत्व ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष को हटाकर संगठन में बदलाव किए थे। ऐसे में उनका इस्तीफा प्रदेश इकाई के लिए बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है।

इस्तीफे की मुख्य वजह क्या है?
अपने पत्र में उत्तम जायसवाल ने बताया कि वे शुरू से ही पद या व्यक्तिगत राजनीतिक फायदे के लिए नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में संगठन मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर संघर्ष करने के इरादे से पार्टी से जुड़े थे।
उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत के बावजूद वर्तमान हालात में उन्हें पार्टी की दिशा स्पष्ट नजर नहीं आ रही, जिस वजह से वे अपने उद्देश्यों को पूरा होते नहीं देख पा रहे।

2023 विधानसभा चुनाव का भी जिक्र
इस्तीफा पत्र में जायसवाल ने 2023 के विधानसभा चुनाव के दौर को भी याद किया। उनके अनुसार:
- उस दौरान पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया
- कई वर्षों से मैदान में डटे कार्यकर्ताओं को उपेक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा
- चुनाव के बाद भी संगठन की कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा
- प्रदेश स्तर की बड़ी जिम्मेदारी संभालने के बावजूद उन्हें छत्तीसगढ़ को लेकर पार्टी की कोई ठोस रणनीति नजर नहीं आई
कार्यकर्ताओं के सम्मान की बात
जायसवाल ने पत्र में यह भी लिखा कि उनके लिए पद से कहीं ज्यादा जरूरी आत्मसम्मान और उन कार्यकर्ताओं का सम्मान है, जो सालों से संगठन के लिए मेहनत करते आए हैं। उनका कहना है कि किसी भी पार्टी की असली ताकत बड़े पदों पर बैठे नेता नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता होते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी उनके इस कदम को महज एक पदाधिकारी के इस्तीफे के रूप में न देखकर, वर्षों तक संगठन के लिए संघर्ष करने वाले एक कार्यकर्ता की पीड़ा और छत्तीसगढ़ के भविष्य को लेकर उसकी चिंता के तौर पर समझे।
कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि जायसवाल ने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ी है, हालांकि इस बिंदु पर अभी सभी स्रोतों से पूरी पुष्टि नहीं हो पाई है।
आगे क्या होगा?
जायसवाल के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ में AAP के संगठनात्मक ढांचे और आगामी रणनीति को लेकर कयास तेज हो गए हैं। पार्टी प्रदेश में नया कार्यकारी अध्यक्ष कब और किसे बनाती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। फिलहाल पार्टी की ओर से इस्तीफे को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।









