अधूरे पुल ने रोका रास्ता, इलाज के अभाव में बुजुर्ग ने खाट पर ही तोड़ा दम

अधूरे पुल ने रोका रास्ता, इलाज के अभाव में बुजुर्ग ने खाट पर ही तोड़ा दम
इलाज के अभाव में बुजुर्ग ने खाट पर ही तोड़ा दम, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और सरकारी लापरवाही का एक और दर्दनाक चेहरा सामने आया है, जहां एक अधूरे पुल और बह चुके डायवर्सन ने एक बीमार बुजुर्ग की जान ले ली। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें खाट पर लादकर अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन उफनते नाले को पार नहीं कर सके और समय पर इलाज न मिल पाने के कारण बुजुर्ग ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
खाट पर अस्पताल का सफर, नाले ने तोड़ी उम्मीद
यह दिल दहला देने वाली घटना कोयलीबेड़ा क्षेत्र के आलपरस गांव की है। यहां के निवासी बालाराम लंबे समय से बीमार थे। पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। गांव तक कोई वाहन पहुंचने का रास्ता न होने के कारण, परिवार के लोग उन्हें बचाने की आखिरी उम्मीद में खाट पर लादकर ही कई किलोमीटर दूर स्थित कोयलीबेषा अस्पताल के लिए पैदल निकल पड़े। लेकिन उनकी यह कोशिश चिलपरस गांव के पास उफनते काकन नाले पर आकर टूट गई।इलाज के अभाव में बुजुर्ग ने खाट पर ही तोड़ा दम
सालों से अधूरा पुल और बहा हुआ डायवर्सन बना मौत का कारण
काकन नाले पर पुल का निर्माण पिछले कई सालों से अधूरा पड़ा है। हर साल की तरह इस साल भी बारिश से पहले बनाया गया कच्चा डायवर्सन पहली ही भारी बारिश में बह गया। जब परिजन बालाराम को लेकर नाले के पास पहुंचे, तो सामने उफनता नाला था और उसे पार करने का कोई साधन नहीं था। तेज बहाव के कारण वे असहाय होकर खड़े रह गए और समय पर इलाज न मिल पाने के कारण बालाराम ने खाट पर ही दम तोड़ दिया।इलाज के अभाव में बुजुर्ग ने खाट पर ही तोड़ा दम
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, प्रशासन से पूछे तीखे सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब प्रशासनिक लापरवाही और अधूरी विकास योजनाओं ने किसी की जान ली हो। हर साल बरसात में यह अधूरा पुल दर्जनों गांवों के लिए एक जानलेवा बाधा बन जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सीधे सवाल किया है:
आखिर सालों बाद भी काकन नाले का यह महत्वपूर्ण पुल अधूरा क्यों है?
मानसून से पहले हर साल बह जाने वाले डायवर्सन का स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जाता?
आपदा के इस समय में इन दूरस्थ और संपर्कहीन गांवों तक एंबुलेंस या कोई मेडिकल टीम क्यों नहीं पहुंच पाती?
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस लापरवाही की जवाबदेही तय करे और जल्द से जल्द पुल का निर्माण पूरा कराए, ताकि भविष्य में किसी और को इलाज के अभाव में इस तरह अपनी जान न गंवानी पड़े।इलाज के अभाव में बुजुर्ग ने खाट पर ही तोड़ा दम



















