वन रक्षक की नौकरी का झांसा देकर युवती से 4 साल तक शोषण का आरोप, आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव के छुरिया में वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर युवती के कथित शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा।
क्या है पूरा मामला
राजनांदगांव जिले के छुरिया थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने आरोप लगाया है कि वन रक्षक के पद पर नौकरी दिलाने के बहाने एक व्यक्ति ने लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर छुरिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह घटनाक्रम कई वर्षों तक चलता रहा और आरोपी ने कथित तौर पर नौकरी दिलाने की प्रक्रिया की आड़ में पीड़िता का भरोसा जीता था।
नौकरी के नाम पर लिए दस्तावेज और रकम
शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने युवती को वन रक्षक पद पर भर्ती कराने का आश्वासन दिया था। इसी विश्वास के आधार पर उसने पीड़िता से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रखवा लिए। पुलिस जांच में सामने आया है कि:

- आरोपी ने नौकरी प्रक्रिया के नाम पर पीड़िता का प्रवेश पत्र अपने पास रखा।
- पीड़िता के पिता से भी नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 43 हजार रुपये लिए जाने का आरोप है।
- यह पूरा प्रकरण भरोसे और नौकरी की उम्मीद का फायदा उठाकर कथित रूप से अंजाम दिया गया।
घर बुलाकर शोषण और धमकी का आरोप
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसे फोन करके अपने घर बुलाया, जहां उसके साथ कथित तौर पर जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए। शिकायत में यह भी दर्ज है कि जब पीड़िता ने इस बारे में किसी को बताने की बात कही, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
आरोप है कि इसके बाद भी सिलसिला नहीं रुका और आरोपी लगातार धमकाकर शोषण करता रहा। पीड़िता ने यह भी बताया कि विरोध करने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता था और सार्वजनिक रूप से बदनाम करने की धमकी दी जाती थी।

आरोपी की गिरफ्तारी, पुलिस कार्रवाई
शिकायत दर्ज होने के बाद छुरिया पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद सफदर खान, निवासी वार्ड नंबर 04, सीताबर्डी पठानपारा, छुरिया को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी 1 सितंबर 2026 की शाम करीब 7:15 बजे की गई।
- गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
- न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भेजने का आदेश दिया।
पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है, जिसमें दस्तावेजों और आर्थिक लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
आगे क्या होगा
फिलहाल यह मामला जांच के दायर में है और आरोप न्यायिक प्रक्रिया के तहत साबित होना बाकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जल्द ही इस मामले में आगे की धाराएं और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच जैसी प्रक्रियाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।









