LIVE UPDATE
नौकरी

TET पास न होने पर पदोन्नति रोकी, हाईकोर्ट ने शिक्षकों को दी अंतरिम राहत

 छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने TET पेपर-1 पास न करने के आधार पर पदोन्नति से वंचित शिक्षकों की याचिका पर अंतरिम आदेश दिया, कहा—नई नियुक्तियां अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी।

शिक्षक-कैडर पदोन्नति विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा हस्तक्षेप

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक (टी-कैडर) पद पर पदोन्नति से जुड़े एक अहम मामले में अंतरिम राहत का आदेश जारी किया है। यह विवाद उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिन्हें केवल TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) प्राथमिक स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण न करने के आधार पर पदोन्नति के लिए अयोग्य ठहराया जा रहा था।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!
ये खबर भी पढ़ें…
छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगमों में 1,127 पद खाली, भर्ती को मिली आंशिक मंजूरी
छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगमों में 1,127 पद खाली, भर्ती को मिली आंशिक मंजूरी
October 15, 2026
छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगमों में 1,465 में से 1,127 पद खाली हैं। 266 पदों के प्रस्ताव में वित्त विभाग...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मामले की सुनवाई जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की बेंच में हुई। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा शुरू की गई पदोन्नति प्रक्रिया के तहत होने वाली कोई भी नियुक्ति इस याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी। यानी फिलहाल प्रक्रिया रुकेगी नहीं, लेकिन उसका नतीजा अदालत के फैसले से बंधा रहेगा।

यह मामला बिलासपुर स्थित हाईकोर्ट में महेश राम आदिल और अन्य शिक्षकों की ओर से दायर किया गया था, जिन्होंने 20 अगस्त 2026 को जारी एक सरकारी पत्र को चुनौती दी है।

ये खबर भी पढ़ें…
BTSC FSO Recruitment 2026: बिहार में फूड सेफ्टी ऑफिसर के 105 पदों पर भर्ती
BTSC FSO Recruitment 2026: बिहार में फूड सेफ्टी ऑफिसर के 105 पदों पर भर्ती
October 16, 2026
बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने फूड सेफ्टी ऑफिसर के 105 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन की अंतिम तारीख 24...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

आखिर विवाद की जड़ क्या है?

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि विभाग ने 20 अगस्त 2026 को एक पत्र जारी कर उन्हें शिक्षक (टी-कैडर) पद पर पदोन्नति के लिए अपात्र घोषित कर दिया। इसका आधार यह बताया गया कि इन शिक्षकों ने TET प्राथमिक स्तर, यानी पेपर-1 की परीक्षा पास नहीं की है।

शिक्षकों ने अदालत में दलील दी कि:

ये खबर भी पढ़ें…
RPSC भर्ती 2026: अब तक सिर्फ 1122 पदों की अभ्यर्थना, अभ्यर्थियों का इंतजार लंबा
RPSC भर्ती 2026: अब तक सिर्फ 1122 पदों की अभ्यर्थना, अभ्यर्थियों का इंतजार लंबा
October 19, 2026
राजस्थान लोक सेवा आयोग को इस साल अब तक सिर्फ 1122 पदों की अभ्यर्थना मिली है। जानिए RAS 2026, पिछले...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

  • उन्हें सिर्फ TET क्वालिफाई न करने की वजह से पदोन्नति की दौड़ से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।
  • यह शर्त उनकी पदोन्नति की दावेदारी पर सीधा असर डाल रही है।
  • अगर समय रहते राहत नहीं मिली, तो उनकी याचिका का कोई मतलब नहीं रह जाएगा, क्योंकि तब तक पदोन्नतियां हो चुकी होंगी।

सरकार का पक्ष और सुनवाई में क्या हुआ?

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से इस मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले को अगली सुनवाई के लिए चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता गगन तिवारी ने अदालत को बताया कि रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण) ने पहले ही पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करते हुए पात्र अभ्यर्थियों की जानकारी मांगनी शुरू कर दी है। उनकी दलील थी कि अगर इस स्तर पर कोई सुरक्षा (अंतरिम संरक्षण) नहीं दी गई, तो याचिका दायर करने का उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा, क्योंकि तब तक पदों पर नियुक्तियां हो चुकी होंगी।

कोर्ट का आदेश: क्या तय हुआ?

याचिकाकर्ता पक्ष की दलीलों पर गौर करते हुए जस्टिस बिभू दत्ता गुरु ने अंतरिम व्यवस्था दी कि रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक द्वारा मांगी जा रही जानकारी के आधार पर यदि कोई पदोन्नति की जाती है, तो वह इस रिट याचिका के अंतिम फैसले के अधीन मानी जाएगी।

सीधे शब्दों में समझें तो:

  • पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई है।
  • लेकिन इस प्रक्रिया के तहत होने वाली नियुक्तियां “कंडीशनल” रहेंगी।
  • अगर कोर्ट का अंतिम फैसला याचिकाकर्ताओं के पक्ष में आता है, तो इन नियुक्तियों में बदलाव संभव है।
  • मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

इस आदेश का असर किस पर पड़ेगा?

इस अंतरिम आदेश का सीधा असर उन सभी शिक्षकों पर पड़ेगा जो TET प्राथमिक/पेपर-1 उत्तीर्ण न होने की वजह से पदोन्नति सूची से बाहर किए जा रहे थे। साथ ही, इसका प्रभाव विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया की उस समयसीमा पर भी पड़ेगा, जो रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय द्वारा चलाई जा रही है।

जिन शिक्षकों की पदोन्नति सीधे तौर पर इस पत्र से प्रभावित हो रही थी, उनके लिए यह आदेश एक अस्थायी राहत की तरह है, हालांकि अंतिम स्थिति अगली सुनवाई और उसके बाद आने वाले फैसले पर निर्भर करेगी।

आगे क्या होगा?

मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की गई है, जिसमें राज्य सरकार को अपना विस्तृत जवाब पेश करना होगा। तब तक विभाग पदोन्नति के लिए जानकारी जुटाने की प्रक्रिया जारी रख सकता है, लेकिन उसके आधार पर होने वाली किसी भी नियुक्ति पर अंतिम मुहर हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही लगेगी।

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE