LIVE UPDATE
अपराधहमर छत्तीसगढ़

जुआ एक्ट में एसीबी और ईओडब्ल्यू को मिला जांच और कार्रवाई का अधिकार

जुआ एक्ट में एसीबी और ईओडब्ल्यू को मिला जांच और कार्रवाई का अधिकार

रायपुर। CG के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार, राज्य में जुआ-सट्टा, विशेषकर ऑनलाइन गैम्बलिंग पर कड़ाई से रोक लगाने और इस मामले में संलिप्त लोगों पर तेजी से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधिवत अधिसूचना के माध्यम से छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की समस्त धाराओं के अंतर्गत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण (ईओडब्ल्यू) को जांच और कार्रवाई का अधिकार प्रदान कर दिया गया है।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

एसीबी और ईओडब्ल्यू का नया अधिकार

एसीबी और ईओडब्ल्यू को यह अधिकार मिलने से अब ऑनलाइन जुआ के मामलों में भी तेजी से जांच और प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी। पहले ये संस्थाएं केवल भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितता से जुड़े मामलों में जांच करती थीं, लेकिन अब इनके कार्यक्षेत्र का विस्तार हो गया है। यह निर्णय राज्य में जुआ-सट्टा पर प्रभावी तरीके से शिकंजा कसने के उद्देश्य से लिया गया है।

जांच प्रक्रिया में सुधार

एसीबी और ईओडब्ल्यू को जुआ एक्ट के तहत जांच और कार्रवाई का अधिकार मिलने से इन मामलों की जांच एक ही विंग में होगी, जिससे जांच प्रक्रिया में आसानी और तेजी आएगी। इससे राज्य में जुआ-सट्टा पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण किया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के प्रावधान

जुआ एक्ट में एसीबी और ईओडब्ल्यू को मिला जांच और कार्रवाई का अधिकार

छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 में ऑनलाइन जुआ को शामिल किया गया है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 7 साल की सजा और गैर जमानती धाराओं का प्रावधान है। अधिनियम में जुआ घर का स्वामी होना, जुआ खिलाना, ऑनलाइन जुआ खिलाना, विज्ञापन प्रतिषेध का उल्लंघन और कंपनी द्वारा अपराध को संज्ञेय तथा गैरजमानती अपराध बनाया गया है।

परिभाषा और दंड प्रावधान

छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 में जुआ घर की परिभाषा में ऑनलाइन जुआ प्लेटफार्म को जोड़ा गया है। उपकरण की परिभाषा में इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख, डिवाइस, मोबाइल एप, इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर ऑफ फंड्स शामिल किए गए हैं। पुराने अधिनियम में ऑनलाइन जुआ के लिए दंड का कोई प्रावधान नहीं था, लेकिन अब अधिकतम 3 वर्ष की जेल और 5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बार-बार अपराध के लिए अधिकतम 7 वर्ष तक जेल और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।

एसीबी और ईओडब्ल्यू को जुआ एक्ट के तहत जांच और कार्रवाई का अधिकार मिलने से राज्य में जुआ-सट्टा पर प्रभावी नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। यह कदम राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और नशे के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित होगा।

Nidar Chhattisgarh Desk

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है। इसकी प्रतिबद्ध ऑनलाइन संपादकीय टीम हर रोज विशेष और विस्तृत कंटेंट देती है। हमारी यह साइट 24 घंटे अपडेट होती है, जिससे हर बड़ी घटना तत्काल पाठकों तक पहुंच सके। पाठक भी अपनी रचनाये या आस-पास घटित घटनाये अथवा अन्य प्रकाशन योग्य सामग्री ईमेल पर भेज सकते है, जिन्हें तत्काल प्रकाशित किया जायेगा !

Related Articles

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE