दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: खतरनाक और रेबीज वाले आवारा कुत्तों को मौत का इंजेक्शन लग सकता है, लोगों की सुरक्षा सबसे ऊपर

Supreme Court Stray Dogs Order 2026: सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि खतरनाक कुत्तों और रेबीज से संक्रमित आवारा कुत्तों को इंजेक्शन (यूथेनेशिया) देकर मार दिया जा सकता है। कोर्ट का कहना है कि लोगों की जान की सुरक्षा और गरिमा के साथ जीने का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है।
मंगलवार को दिए गए अंतिम फैसले में कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश के खिलाफ दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।
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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य आदेश
- नवंबर 2025 के पहले दिए गए निर्देश ही लागू रहेंगे।
- स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और हाईवे जैसी पब्लिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाना जरूरी।
- कुत्तों को पकड़कर नसबंदी (ABC) और टीकाकरण के बाद वहीं वापस नहीं छोड़ना।
- ऐसे कुत्तों को शेल्टर होम में रखना होगा।
- सड़कों पर कुत्तों को खाना खिलाने पर पूर्ण प्रतिबंध।
- जो अधिकारी या अधिकारी इन आदेशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अवमानना का केस चलेगा।
सुप्रीम कोर्ट के 8 अहम निर्देश (2026)
- राज्य सरकारें AWBI (Animal Welfare Board of India) के नियमों को सख्ती से लागू करें।
- हर जिले में पूर्ण रूप से काम करने वाला ABC Center (Animal Birth Control) बनाया जाए।
- जहां कुत्तों की संख्या ज्यादा है, वहां अधिक ABC सेंटर्स खोले जाएं।
- जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर भी नियम लागू करने का फैसला।
- एंटी-रेबीज दवाओं की हर जगह पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- NHAI नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं की समस्या सुलझाए, पुराने वाहनों का इस्तेमाल कर उन्हें हटाया जाए।
- रेबीज संक्रमित और बेहद खतरनाक कुत्तों पर कानून के तहत यूथेनेशिया (दया मृत्यु) का प्रावधान लागू किया जा सकता है।
- आदेश लागू करने वाले अधिकारियों और नगर निगम कर्मचारियों को कानूनी सुरक्षा दी जाए, बिना वजह FIR न दर्ज हो।
कुत्तों के काटने की चौंकाने वाली घटनाएं
कोर्ट ने तीन राज्यों के आंकड़े दिए:
- राजस्थान के श्री गंगानगर में एक महीने में 1084 कुत्तों के काटने की घटनाएं, कई बच्चों के चेहरे पर गहरे घाव।
- तमिलनाडु में साल के पहले 4 महीनों में लगभग 2 लाख कुत्ते काटने के मामले।
- सूरत में एक विदेशी यात्री (जर्मन) को कुत्ते ने काट लिया।
मामला कैसे पहुंचा सुप्रीम कोर्ट? महत्वपूर्ण सुनवाई
- 29 जनवरी 2026: कोर्ट ने दलीलें पूरी कर सुनवाई समाप्त करने का फैसला किया।
- 9 जनवरी 2026: शर्मिला टैगोर के वकील की दलील पर कोर्ट ने फटकार लगाई।
- 8 जनवरी 2026: जस्टिस ने कहा – “कुत्ते इंसानों का डर पहचान लेते हैं”।
- नवंबर 2025: पब्लिक जगहों से कुत्ते हटाने के सख्त निर्देश जारी किए गए।
- अगस्त 2025: पहले शेल्टर होम में रखने का आदेश, फिर कुछ बदलाव किए गए।









