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CSMCL मैनपावर ओवरटाइम घोटाला: अनवर ढेबर समेत 12 पर 5000 पन्नों का चालान, 183 करोड़ का घोटाला खुला!

CSMCL घोटाला में बड़ी खबर सामने आई है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और ACB की टीम ने अनवर ढेबर (शराब घोटाले का किंगपिन) समेत 12 आरोपियों के खिलाफ 5000 पन्नों का विशाल चालान कोर्ट में पेश कर दिया है। वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम पर फर्जी वाउचर बनाकर भारी भरकम रकम गड़बड़ की गई।

घोटाले की कुल राशि

जांच एजेंसियों के अनुसार कुल 182.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। breakdown इस प्रकार है:

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  • ओवरटाइम भुगतान: 101.20 करोड़ रुपये
  • बोनस भुगतान: 12.21 करोड़ रुपये
  • अतिरिक्त 4 दिन कार्य भुगतान: 54.46 करोड़ रुपये
  • सर्विस चार्ज: 15.11 करोड़ रुपये

कुल: लगभग 182.98 करोड़ रुपये

यह सारी राशि वास्तविक कर्मचारियों तक कभी नहीं पहुंची। फर्जी तरीके से निकाली गई पैसे का इस्तेमाल कमीशनखोरी और सिंडिकेट के आर्थिक फायदे के लिए किया गया।

इन एजेंसियों की भूमिका सामने आई

जांच में सुमीत फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस, अलर्ट कमांडोज, ईगल इंटर सॉल्यूशन्स समेत कई मैनपावर एजेंसियों की मिलीभगत पाई गई। दस्तावेजों, कंपनी अधिकारियों, CSMCL कर्मचारियों और गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

इन 12 के खिलाफ चालान पेश

EOW-ACB ने कोर्ट में जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें शामिल प्रमुख नाम:

  • अनवर ढेबर (किंगपिन)
  • नवीन प्रताप सिंह तोमर
  • तिजऊराम निर्मलकर
  • अभिषेक सिंह
  • नीरज कुमार चौधरी
  • अजय लोहिया
  • अजीत दरंदले
  • अमित प्रभाकर सालुंके
  • अमित मित्तल
  • एन. उदय राव
  • राजीव द्विवेदी
  • संजीव जैन

कैसे खुली पोल? 28.80 लाख कैश जब्ती ने किया खुलासा

29 नवंबर 2023 को ED की टीम ने 28.80 लाख रुपये कैश जब्त किए थे। इस कैश की जांच के दौरान ही ओवरटाइम घोटाले का राज खुला। ED ने EOW और ACB को रिपोर्ट भेजी, जिसके बाद पूर्ण जांच शुरू हुई।

जांच में पता चला कि यह रकम ईगल हंटर सॉल्यूशन और अलर्ट कमांडोज के बिल पास कराने के बदले कमीशन के रूप में नवीन प्रताप सिंह तोमर तक पहुंचाई जा रही थी। इसमें तिजऊराम निर्मलकर और अभिषेक सिंह की भी भूमिका सामने आई।

जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि अगर आगे नए सबूत मिले तो अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

CSMCL मैनपावर घोटाला छत्तीसगढ़ की शराब नीति और कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी को उजागर करता है। यह मामला अब कोर्ट में है और फंसें लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

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