रायपुर। DMF घोटाले में लंबे समय से जेल में बंद रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने सोमवार को उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली।
कोर्ट ने लंबी कस्टडी अवधि और ट्रायल में हो रही देरी को मुख्य आधार बनाते हुए जमानत दी है। करीब 2 साल 28 दिनों की जेल के बाद अनिल टुटेजा मंगलवार (आज) देर शाम रिहा हो सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई सख्त शर्तें
जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अनिल टुटेजा पर कई सख्त शर्तें लगाई हैं:
- राज्य (छत्तीसगढ़) से बाहर रहना होगा
- किसी भी सेवारत सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं करना
- गवाहों को प्रभावित करने की कोई कोशिश नहीं करनी
सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि टुटेजा प्रभावशाली व्यक्ति हैं और गवाहों पर दबाव डाल सकते हैं।
DMF घोटाला: ED का बड़ा केस
ईडी (Enforcement Directorate) के अनुसार यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार थी। ED का अनुमान है कि इस अवैध धंधे से लगभग 3000 करोड़ रुपये की गैरकानूनी कमाई हुई, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
जांच में पता चला कि एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय था, जिसमें नौकरशाह, राजनीतिक नेता और निजी कारोबारी शामिल थे। इस सिंडिकेट ने शराब नीति को कमजोर करके बड़े पैमाने पर अवैध कमाई की।
अभी बाकी है ट्रायल
केस में अभी 80 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज होने बाकी हैं। कोर्ट ने ट्रायल में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई।









