
Faridabad Shocking Incident: फरीदाबाद के एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के OPD गेट के बाहर एक गर्भवती महिला को बच्चे को जन्म देना पड़ा क्योंकि डॉक्टर और नर्स ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे। इस घटना के बाद हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में बड़ा सुधार अभियान शुरू कर दिया है।
घटना क्या हुई?
शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे फरीदाबाद के एक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। परिवार ने OPD का मुख्य गेट बंद पाया। इमरजेंसी गेट भी बंद मिला। जब तक स्टाफ पहुंचा, तब तक महिला ने रिश्तेदारों की मौजूदगी में OPD गेट के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया। बच्चे का जन्म मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट की रोशनी में हुआ।
परिवार ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि 15 मिनट तक कोई स्टाफ नहीं मिला। बाद में महिला और नवजात बच्चे को अंदर भर्ती किया गया।
हरियाणा सरकार का सख्त Action
इस घटना का संज्ञान लेते हुए हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने तुरंत पूरे राज्य के सभी सिविल सर्जनों को विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा के निर्देश पर लिए गए प्रमुख फैसले:
- 24×7 खुला रहेगा मुख्य गेट — सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के मुख्य एंट्री गेट अब रात में भी खुले रहेंगे।
- हर First Referral Unit (FRU) में 24 घंटे पूरी तरह सुसज्जित एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी।
- प्रसव वाले केंद्रों में Special Emergency Obstetric Ambulance की व्यवस्था अनिवार्य।
- रात की ड्यूटी पर तैनात नर्सों और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश।
- कर्मचारियों की कमी वाले केंद्रों में तुरंत अन्य जगहों से अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ तैनात किया जाएगा।
- 3 दिन के अंदर सभी प्रसव केंद्रों में स्टाफ की कमी पूरी करने का लक्ष्य।
- रात में अचानक निरीक्षण (Surprise Checks) बढ़ाए जाएंगे।
- गर्भवती महिलाओं को समय पर, सम्मानजनक और बिना रुकावट चिकित्सा सुविधा मिले, यह सुनिश्चित करना अनिवार्य।
स्वास्थ्य विभाग का फोकस
विभाग का कहना है कि इन निर्देशों का मकसद मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, आपातकालीन प्रसव देखभाल को बेहतर बनाना और ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति रोकना है।
अपडेट: स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच के लिए समिति भी गठित कर दी है।









