LIVE UPDATE
कानूनशिक्षा

सिलेबस से बाहर पूछे सवाल, हाईकोर्ट ने रद्द किया रिजल्ट, अब होगी दोबारा परीक्षा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अधीनस्थ लेखा सेवा विभागीय परीक्षा 2017 का रिजल्ट रद्द कर दिया है। वजह है परीक्षा में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछना और आखिरी वक्त पर नया विषय जोड़ना। कोर्ट ने अब वित्त विभाग को साफ सिलेबस के साथ दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया है।

क्या था पूरा मामला?

  • वित्त विभाग ने अप्रैल 2017 में विभागीय पदोन्नति के लिए अधीनस्थ लेखा सेवा (SAS) भाग-2 परीक्षा का विज्ञापन निकाला था
  • परीक्षा देने वाले कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई सवाल तय सिलेबस से बाहर के थे
  • परीक्षा से ठीक पहले एडमिट कार्ड में एक नया विषय भी जोड़ दिया गया
  • इससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए पूरा समय नहीं मिल पाया
  • इन गड़बड़ियों को लेकर अमर सिंह बिसेन, दिनेश कुमार सिंह और अन्य कर्मचारियों ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

  • कोर्ट ने माना कि परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी थी
  • अगर सिलेबस पहले से साफ न हो या आखिरी समय में बदल दिया जाए, तो यह अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है
  • सभी प्रतिभागियों को बराबर मौका मिलना चाहिए
  • परीक्षा प्रक्रिया तय नियमों के हिसाब से ही होनी चाहिए

कौन से आदेश हुए रद्द?

  • 20 दिसंबर 2017 को घोषित परीक्षा परिणाम
  • 22 नवंबर 2024 का आपत्ति निरस्तीकरण आदेश

कोर्ट ने इन दोनों आदेशों को गलत मानते हुए रद्द कर दिया।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!
ये खबर भी पढ़ें…
Life Certificate: घर बैठे 70 रुपए में बनेगा डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र
Life Certificate: घर बैठे 70 रुपए में बनेगा डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र
October 31, 2026
डाक विभाग और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की पहल से पेंशनभोगी अब डाकिया की मदद से घर पर ही 70...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अब आगे क्या होगा?

  • वित्त विभाग को नए सिरे से परीक्षा कराने की अनुमति मिली है
  • पहले साफ और अधिसूचित सिलेबस जारी करना होगा
  • पात्र कर्मचारियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय देना होगा
  • इससे सभी अभ्यर्थियों को बराबर मौका मिलेगा

कर्मचारियों को मिलेगी राहत

जिन कर्मचारियों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, उन्हें इस फैसले से राहत मिलने की उम्मीद है। नई परीक्षा में तय सिलेबस के आधार पर सबको समान अवसर मिलेगा।

यह फैसला क्यों जरूरी है?

  • यह सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित मामला नहीं है
  • यह सभी विभागीय परीक्षाओं के लिए एक बड़ा संदेश है
  • पारदर्शिता, पहले से तय सिलेबस और बराबर मौका जैसे नियमों से समझौता नहीं हो सकता
  • नियम टूटने पर पूरी परीक्षा प्रक्रिया कोर्ट की समीक्षा के दायरे में आ सकती है

ये खबर भी पढ़ें…
CBSE 10वीं 2028: पांच विषयों के साथ स्किल सब्जेक्ट और तीन भाषाएं जरूरी
CBSE 10वीं 2028: पांच विषयों के साथ स्किल सब्जेक्ट और तीन भाषाएं जरूरी
October 31, 2026
CBSE की नई योजना के तहत 2028 की 10वीं बोर्ड परीक्षा में पांच अनिवार्य विषयों के साथ स्किल सब्जेक्ट होगा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE