LIVE UPDATE
कानून

छत्तीसगढ़ धान खरीदी के नए नियम: टोकन से कम धान लाने पर रकबा लैप्स

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के नए नियम लागू। बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य, टोकन से कम धान लाने पर रकबा लैप्स होगा। समर्थन मूल्य और टोकन सिस्टम जानें।

छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी सत्र के लिए राज्य सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। नई व्यवस्था में किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा के मुताबिक ही धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचना होगा। कम धान लाने पर बचे हुए हिस्से का रकबा लैप्स हो जाएगा और उसके लिए दोबारा टोकन नहीं कट सकेगा।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!
ये खबर भी पढ़ें…
कटघोरा-अंबिकापुर हाईवे पर 10 घंटे जाम, एजेंसी पर 10 लाख का जुर्माना
कटघोरा-अंबिकापुर हाईवे पर 10 घंटे जाम, एजेंसी पर 10 लाख का जुर्माना
October 15, 2026
12 अक्टूबर को चोटिया टोल प्लाजा के पास दो ट्रकों की भिड़ंत के बाद NH-130 पर 10 घंटे यातायात ठप...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की इस व्यवस्था में बायोमीट्रिक सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। खरीदी की सभी प्रविष्टियां रियल टाइम डेटाबेस में दर्ज होंगी। इस बार समर्थन मूल्य पर कॉमन धान 2,441 रुपये और ग्रेड-ए धान 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।

टोकन से कम धान लाया तो क्या होगा?

नए नियम का सबसे अहम बिंदु यही है। किसान ने टोकन में जितनी मात्रा दर्ज कराई है, उतना धान लेकर पहुंचना जरूरी होगा।

ये खबर भी पढ़ें…
एमपी कैबिनेट फैसले: स्कूल शिक्षा, सिंचाई और आयुर्वेदिक कॉलेजों को मंजूरी
एमपी कैबिनेट फैसले: स्कूल शिक्षा, सिंचाई और आयुर्वेदिक कॉलेजों को मंजूरी
October 15, 2026
मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा, सिंचाई, आयुर्वेदिक कॉलेज और नए जिलों में WCD कार्यालयों के प्रस्ताव...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

  • निर्धारित मात्रा से कम धान लाने पर बची हुई मात्रा का रकबा अगले टोकन में नहीं जुड़ेगा
  • वह रकबा सीधे लैप्स (निरस्त) हो जाएगा
  • किसान उस शेष रकबे के लिए दोबारा टोकन नहीं कटवा सकेगा

एक उदाहरण से समझिए

मान लीजिए किसी किसान ने 4 एकड़ के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से 84 क्विंटल का टोकन लिया। खरीदी के दिन वह सिर्फ 63 क्विंटल धान लेकर पहुंचा। ऐसे में शेष 21 क्विंटल के बराबर का 1 एकड़ रकबा लैप्स माना जाएगा।

बायोमीट्रिक सत्यापन और रियल टाइम निगरानी

खरीदी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार पहचान की जांच अनिवार्य की गई है।

ये खबर भी पढ़ें…
आदिवासी छात्रावासों में भोजन पर सवाल, पैदल मार्च पर निकले विद्यार्थी
आदिवासी छात्रावासों में भोजन पर सवाल, पैदल मार्च पर निकले विद्यार्थी
October 18, 2026
गोपहारू, जैतपुर और बुढ़ार के आदिवासी छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और रसोइयों की कमी पर सवाल उठे हैं। सुनवाई...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

  • किसान की पहचान अंगूठे के निशान या आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन से होगी
  • सत्यापन के बाद ही धान की खरीद पूरी होगी
  • सभी प्रविष्टियां रियल टाइम डेटाबेस में दर्ज होंगी
  • इससे बाद में रिकॉर्ड बदलने या पिछली तारीख में एंट्री करने की गुंजाइश खत्म होने की बात कही गई है

सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है।

रकबे के हिसाब से कितने टोकन मिलेंगे

टोकन अब भूमि के रकबे के आधार पर जारी होंगे।

  • 2 एकड़ तक: 1 टोकन
  • 10 एकड़ तक: अधिकतम 2 टोकन
  • इससे ज्यादा रकबा: 3 टोकन

धान की मात्रा का बंटवारा भी तय है। 2 टोकन होने पर मात्रा 50-50 प्रतिशत और 3 टोकन होने पर 33-33-34 प्रतिशत के अनुपात में बांटी जाएगी।

टोकन डिलीट हुआ तो क्या करें?

अगर किसान टोकन कटवाने के बाद तय तारीख पर धान लेकर केंद्र नहीं पहुंच पाता, तो अगले दिन उसका टोकन अपने आप डिलीट हो जाएगा।

  • टोकन दोबारा जारी कराने की अनुमति सिर्फ एक बार मिलेगी
  • दूसरी बार टोकन डिलीट होने पर संबंधित मात्रा का रकबा हमेशा के लिए लैप्स हो जाएगा

इसलिए किसानों के लिए टोकन की तारीख का ध्यान रखना और उसी दिन धान पहुंचाना जरूरी होगा।

70:30 का फॉर्मूला और AgriStack से जुड़ाव

टोकन जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए दो माध्यम तय किए गए हैं।

  • कुल टोकन का 70 प्रतिशत मोबाइल ऐप के जरिए जारी होगा
  • 30 प्रतिशत टोकन समितियों के माध्यम से मिलेंगे

धान की रिसाइक्लिंग और फर्जी पंजीयन रोकने के लिए पूरी व्यवस्था को AgriStack आधारित प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। इसकी ऑनलाइन निगरानी राजधानी रायपुर से की जाएगी।

किसानों को क्या ध्यान रखना चाहिए

  • टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही धान लेकर पहुंचें
  • तय तारीख न चूकें, वरना टोकन अगले दिन डिलीट हो जाएगा
  • बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए खुद केंद्र पर मौजूद रहें
  • रकबे और पंजीयन की जानकारी AgriStack से जुड़ी होने के कारण उसे सही रखें

Pooja Chandrakar

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है। इसकी प्रतिबद्ध ऑनलाइन संपादकीय टीम हर रोज विशेष और विस्तृत कंटेंट देती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE