कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह सिद्धू को डाक से मिला धमकी भरा पत्र, एसपी से सुरक्षा की मांग

अंबिकापुर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह सिद्धू को डाक से पत्र मिला, जिसमें हत्या की साजिश का दावा है। उन्होंने एसपी से सुरक्षा और जांच की मांग की है
अंबिकापुर में कांग्रेस मंडल अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह सिद्धू को डाक के जरिए एक पत्र मिला है, जिसमें उनकी हत्या की कथित साजिश का दावा किया गया है। पत्र मिलने के बाद शुक्रवार को वे पार्टी नेताओं के साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे और सुरक्षा की मांग की।

पत्र में लिखी बातें अभी आरोप के स्तर पर हैं और पुलिस जांच के बाद ही इनकी सच्चाई सामने आ सकेगी। पत्र पर प्रेषक के रूप में अंबिकापुर के पर्राडांड़ के एक निवासी का नाम लिखा है।
यह मामला करीब दो माह पहले सिद्धू के साथ हुई मारपीट की घटना से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें एक आरोपी फिलहाल जेल में है।

पत्र में क्या दावा किया गया है?
पत्र में दर्ज बातों के अनुसार:
- करीब 2-3 माह पहले दर्रीपारा निवासी गुरप्रीत सिंह का मोहल्ले के ही सुनील साहू और श्याम विश्वकर्मा से विवाद हुआ था।
- आरोप है कि इस दौरान दोनों ने उनके साथ मारपीट की और बीच-बचाव करने आई उनकी पत्नी से भी मारपीट की गई।
- पत्र के मुताबिक जेल में बंद सुनील साहू का करीबी श्याम विश्वकर्मा जेल में साठगांठ कर कुछ शूटरों के संपर्क में है।
- पत्र में राउरकेला और झारखंड के कुछ लोगों के नाम भी लिखे गए हैं। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शूटरों के शामिल होने का भी दावा किया गया है।
ध्यान रहे कि ये सभी बातें पत्र में किए गए दावे हैं। अभी तक आधिकारिक जांच या पुलिस की पुष्टि का इंतजार है, इसलिए किसी के नाम को दोषी के रूप में नहीं देखा जा सकता।

पहले हुई मारपीट का मामला क्या था?
सिद्धू के साथ करीब दो माह पहले उनके घर के सामने मारपीट हुई थी। उनकी शिकायत पर मणिपुर थाने में सुनील साहू के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था।
पुलिस कार्रवाई के बाद सुनील साहू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वह फिलहाल अंबिकापुर की सेंट्रल जेल में निरुद्ध है।
पत्र में की गई मांगें
पत्र में पुलिस और जेल प्रशासन से कुछ मांगें की गई हैं:
- पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
- जेल में बंद सुनील साहू की जमानत पर रोक लगाई जाए।
- कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच हो।
एसपी कार्यालय पहुंचे सिद्धू
पत्र मिलने के बाद गुरप्रीत सिंह सिद्धू ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ एसपी कार्यालय जाकर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और संभावित खतरे को देखते हुए गंभीरता से जांच कराने तथा जरूरी कार्रवाई की मांग की।
आगे क्या होगा?
अब पुलिस के सामने सबसे पहले पत्र की प्रामाणिकता और उसे भेजने वाले की पहचान की पुष्टि करने की चुनौती होगी। पत्र पर जिस व्यक्ति का नाम प्रेषक के रूप में लिखा है, उसी ने इसे भेजा या नहीं, यह भी जांच का विषय है।
फिलहाल पुलिस की ओर से जांच की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था या किसी कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। आधिकारिक बयान आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।








